फर्जी खुफिया अधिकारी बनकर घूम रहा था युवक, कार से एयरगन और जाली दस्तावेज बरामद

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हल्द्वानी। तिकोनिया क्षेत्र में देर रात वाहन जांच के दौरान पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया, जो खुद को खुफिया विभाग का अधिकारी बताकर लोगों पर प्रभाव जमाने की कोशिश कर रहा था। युवक की कार को भी सरकारी वाहन जैसा रूप दिया गया था। कार पर लाल-नीली बत्ती के साथ भारत सरकार का बोर्ड लगा हुआ था। पुलिस को संदेह होने पर की गई तलाशी में पिस्टल जैसी दिखाई देने वाली एयरगन, खुफिया ब्यूरो से जुड़े कागजात और कथित फर्जी पहचान पत्र मिले। वाहन के दस्तावेज भी युवक पुलिस को नहीं दिखा सका।

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार युवक की पहचान मोहासिब खान (24) पुत्र मोहम्मद अयूब खान, निवासी शाहबाद गेट, मोहल्ला ईदगाह, थाना कोतवाली, रामपुर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। घटना 12 सितंबर की रात की है। उपनिरीक्षक कृपाल सिंह पुलिस टीम के साथ तिकोनिया क्षेत्र में वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान काठगोदाम की तरफ से एक कार आती दिखाई दी। कार पर लगी लाल-नीली बत्ती और भारत सरकार के बोर्ड को देखकर पुलिस ने वाहन को रोक लिया।

चालक से पूछताछ शुरू हुई तो उसने खुद को खुफिया ब्यूरो का अधिकारी बताया और अपना पहचान पत्र दिखाया। पुलिस ने उससे विभाग में पद और तैनाती से संबंधित जानकारी मांगी तो उसके जवाबों में असंगतता नजर आई। संदेह बढ़ने पर पुलिस ने कार की तलाशी ली।

तलाशी के दौरान कार के डैशबोर्ड से पिस्टल जैसी दिखने वाली एयरगन मिली। इसके अलावा खुफिया ब्यूरो से संबंधित कुछ कागजात और पहचान पत्र भी बरामद हुए। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में ये दस्तावेज वास्तविक नहीं पाए गए। पूछताछ में युवक ने कथित तौर पर बताया कि एयरगन वह लोगों पर रौब जमाने के लिए रखता था।

पुलिस ने बरामद एयरगन, पहचान पत्र और अन्य कागजात को कब्जे में लेकर सील कर दिया। दस्तावेजों को सुरक्षित रखने के लिए लाल रंग की फाइल में रखा गया था, जिसे सफेद कपड़े में सील किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि युवक ने फर्जी पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज कहां से तैयार कराए थे। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि उसने इस पहचान का इस्तेमाल पहले किसी अन्य स्थान पर किया था या नहीं।

कार की जांच के दौरान पुलिस ने वाहन के कागजात भी मांगे, लेकिन युवक उन्हें प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने कार को मोटर वाहन अधिनियम के तहत सीज कर दिया। युवक को रात करीब साढ़े 12 बजे गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 168, 318(3), 319(2) और 336(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। अब जांच का मुख्य बिंदु यह है कि युवक ने सरकारी अधिकारी की पहचान हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेज किस माध्यम से तैयार कराए और लाल-नीली बत्ती व भारत सरकार के बोर्ड का इस्तेमाल वह कितने समय से कर रहा था। पुलिस बरामद दस्तावेजों और युवक से मिली जानकारी के आधार पर पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।