अयोध्यापुरी से जनकपुरी तक राममय हुआ हल्द्वानी, श्रद्धालुओं ने निकाली भव्य राम बारात

Spread the love

हल्द्वानी। कहीं धर्म ध्वज थामे बच्चे जय श्रीराम के उद्घोष के साथ आगे बढ़ रहे थे तो कहीं भगवान शिव, हनुमान जी और बाबा नीम करौली की भव्य झांकियां श्रद्धालुओं का ध्यान खींच रही थीं। बैंड-बाजे, हाथी-ऊंट, धार्मिक प्रस्तुतियों और देश के विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलकियों के बीच रविवार को हल्द्वानी में निकली प्रभु श्रीराम की भव्य बारात ने पूरे शहर को राममय कर दिया।

अयोध्यापुरी (लटूरिया बाबा आश्रम) से जनकपुरी (प्राचीन रामलीला मैदान) तक निकली बारात में हजारों रामभक्त शामिल हुए। शहर में 25 से अधिक स्थानों पर बारात का स्वागत किया गया। जगह-जगह पुष्पवर्षा, जलपान और मिष्ठान वितरण के बीच धार्मिक उल्लास का अनूठा नजारा देखने को मिला।

प्राचीन श्री शिव सेवा समिति की ओर से आयोजित राम बारात में सबसे आगे धर्म ध्वज के साथ प्रभु श्रीराम की भव्य झांकी चल रही थी। हाथों में ध्वज लिए बच्चे जय श्रीराम के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। इसके पीछे डीजे, बैंड-बाजे, ब्रह्मा-विष्णु-महेश की झांकी, हाथी-ऊंट और हनुमान जी की विशाल झांकी ने आयोजन की भव्यता बढ़ाई। बाबा नीम करौली, शेरावाली माता, वासुदेव, महाकाल, भीष्म पितामह और खाटू श्याम के दरबार की झांकियों ने श्रद्धालुओं को आकर्षित किया। स्कूलों की झांकियों, केरल की सांस्कृतिक प्रस्तुति और बेड़ी सेना की टोली ने भी बारात की शोभा बढ़ाई।

राम बारात जिस मार्ग से गुजरी, वहां श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर प्रभु श्रीराम का स्वागत किया। विभिन्न सामाजिक संगठनों और समाजों की ओर से जलपान व मिष्ठान वितरण की व्यवस्था की गई। 

जनकपुरी स्थित प्राचीन रामलीला मैदान पहुंचने पर कन्या पक्ष की ओर से बारात का भव्य स्वागत किया गया। यहां पुष्पवर्षा और मिष्ठान वितरण के बीच विवाहोत्सव जैसा माहौल नजर आया। रामलीला महोत्सव के अंतर्गत इससे पहले मंच पर सीता स्वयंवर, धनुष यज्ञ और श्रीराम विवाह की लीला का मंचन भी किया गया। राजा जनक के दरबार में शिव धनुष भंग, भगवान श्रीराम और माता सीता के विवाह तथा परशुराम-लक्ष्मण संवाद के प्रसंगों ने दर्शकों को आकर्षित किया। व्यास पुष्कर दत्त शास्त्री के निर्देशन में मंचित लीलाओं ने धार्मिक आयोजन को विशेष आयाम दिया।