भीमताल। ओखलकांडा ब्लॉक में आदमखोर गुलदार का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार को ब्लॉक के चमोली गांव में दिनदहाड़े गुलदार ने एक महिला पर हमला कर उसकी जान ले ली। गुलदार महिला को घसीटते हुए जंगल की ओर ले गया। बाद में ग्रामीणों को महिला का शव घर से कुछ दूरी पर जंगल में पड़ा मिला। घटना से पूरे क्षेत्र में भय और शोक का माहौल है।
मृतका की पहचान ग्राम सभा चमोली के तोक किटोड़ा निवासी रेखा देवी (36) पत्नी पान सिंह चिलवाल के रूप में हुई है। बताया गया कि रेखा देवी दोपहर के समय अन्य महिलाओं के साथ जंगल में चारा लेने गई थीं, तभी गुलदार ने उन पर हमला कर दिया। साथ मौजूद महिलाओं ने शोर मचाया और ग्रामीणों को सूचना दी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
पांच दिन पहले धारी में भी हुई थी महिला की मौत
गौरतलब है कि बीते शुक्रवार को धारी ब्लॉक के तल्ली दिनी गांव में भी गुलदार ने हेमा देवी (35) पत्नी गोपाल सिंह बर्गली को मार डाला था। हेमा देवी अपने पीछे चार छोटे बच्चों और पति को छोड़ गई हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और वह खेती-बाड़ी व पशुपालन पर निर्भर है।
विधायक ने मौके पर पहुंचकर कराया पोस्टमार्टम, वन विभाग पर फूटा गुस्सा
घटना की सूचना मिलते ही भीमताल विधायक राम सिंह कैड़ा मौके पर पहुंचे। उन्होंने महिला के शव का पोस्टमार्टम घटनास्थल पर ही करवाया। विधायक ने वन विभाग की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि लगातार घटनाओं के बावजूद विभाग गुलदार को पकड़ने में नाकाम साबित हो रहा है।
उन्होंने कहा कि पांच दिन बीत जाने के बाद भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हमला गुलदार ने किया है या बाघ ने। विधायक ने वन विभाग को निर्देश दिए कि मृतक के परिजनों को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए और क्षेत्र में जगह-जगह पिंजरे लगाए जाएं। विधायक कैड़ा ने मुख्यमंत्री से भी फोन पर वार्ता कर घटना की जानकारी दी और कहा कि भीमताल विधानसभा क्षेत्र में आदमखोर वन्यजीवों का आतंक बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों का फूटा गुस्सा: “वन विभाग को इंसान से ज्यादा जानवर प्यारा”
घटना के बाद ग्रामीणों ने मौके पर शासन-प्रशासन और वन विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग के लिए इंसानों की जान से ज्यादा आदमखोर जानवर की कीमत है। गुलदार के डर से गांवों में कर्फ्यू जैसा माहौल है और लोग घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं।
ग्रामीणों ने सरकार से मृतक परिवार को उचित मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। चेतावनी दी गई कि यदि जल्द ही आदमखोर को नहीं पकड़ा गया या मारा गया तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

