26 साल पहले रिलीज हुई थी ‘जोश’: अगर सब कुछ योजना के मुताबिक होता तो एक ही फिल्म में दिखते आमिर, शाहरुख, काजोल और ऐश्वर्या

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जब निर्देशक मंसूर खान ने ‘जोश’ की कहानी शाहरुख खान को सुनाई, तब उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह फिल्म बनने से पहले ही बॉलीवुड के सबसे दिलचस्प कास्टिंग ड्रामों में शामिल हो जाएगी।

आज से ठीक 26 साल पहले, 9 जून 2000 को रिलीज हुई ‘जोश’ सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि एक ऐसा प्रोजेक्ट था जो अगर अपनी मूल योजना के अनुसार बनता, तो हिंदी सिनेमा की सबसे बड़ी मल्टीस्टारर फिल्मों में गिना जाता। लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था।

जब मैक्स बनने की तैयारी में पहुंच गए थे आमिर

मंसूर खान ने फिल्म की कहानी सबसे पहले आमिर खान को सुनाई थी। कहानी सुनते ही आमिर को लगा कि वह फिल्म के सबसे दमदार किरदार मैक्स डियास के लिए बिल्कुल फिट हैं। बताया जाता है कि अगले ही दिन वह हाथों में चेन लपेटे, रफ-टफ अंदाज में मंसूर के ऑफिस पहुंचे और मैक्स के किरदार की तैयारी शुरू कर दी।

लेकिन ट्विस्ट यह था कि मंसूर खान ने मैक्स का किरदार शुरू से ही शाहरुख खान के लिए लिखा था। आमिर के लिए उन्होंने राहुल शर्मा का रोल सोचा था। जब यह बात आमिर को बताई गई तो उन्होंने फिल्म छोड़ने का फैसला कर लिया।

शाहरुख ने भी पहले कर दिया था इंकार

दिलचस्प बात यह है कि जब मंसूर खान स्क्रिप्ट लेकर शाहरुख के पास पहुंचे तो उन्हें भी मैक्स का किरदार बेहद पसंद आया। उन्होंने किरदार को लेकर कई सुझाव भी दिए। लेकिन जब उन्हें लगा कि यह रोल शायद आमिर को मिलने वाला है तो उन्होंने साफ कह दिया, “अगर मैक्स आमिर करेगा तो मैं फिल्म नहीं करूंगा।”

मंसूर खान बिना कुछ बोले वहां से निकल गए और सीधे आमिर के पास पहुंचकर पूरी स्थिति स्पष्ट कर दी। इसके बाद आमिर अलग हो गए और राहुल शर्मा का किरदार आखिरकार चंद्रचूड़ सिंह के हिस्से आया।

काजोल ने भी मांगा था मैक्स का रोल

कहानी यहीं खत्म नहीं होती। मंसूर खान चाहते थे कि फिल्म में शाहरुख, आमिर और काजोल साथ नजर आएं। उन्होंने काजोल को शर्ली का किरदार ऑफर किया था।

लेकिन काजोल को भी मैक्स का किरदार इतना पसंद आया कि उन्होंने मंसूर से कहा, “मैक्स को लड़का मत रखो, उसे लड़की बना दो और मुझे दे दो।”

मगर मंसूर अपने किरदार की मूल संरचना बदलना नहीं चाहते थे। इसके बाद शर्ली के रोल के लिए ऐश्वर्या राय को चुना गया।

सलमान खान भी थे चर्चा में

फिल्म इंडस्ट्री के गलियारों में यह भी चर्चा रही कि शुरुआती दौर में मैक्स के रोल के लिए सलमान खान का नाम भी सामने आया था। हालांकि बात आगे नहीं बढ़ सकी और अंततः यह किरदार शाहरुख के खाते में चला गया।

गोवा की गलियों में बसी एक अनोखी दुनिया

‘जोश’ की सबसे बड़ी खूबी उसकी दुनिया थी। 90 के दशक के अंत और 2000 के शुरुआती दौर में जब बॉलीवुड की ज्यादातर प्रेम कहानियां विदेशों की खूबसूरत लोकेशनों पर फिल्माई जा रही थीं, तब मंसूर खान ने गोवा की गलियों, समुद्री किनारों और स्थानीय संस्कृति को कहानी का हिस्सा बनाया।

वास्को की दो गैंग ईगल्स और बिच्छू के बीच की दुश्मनी, दोस्ती, प्यार और भाई-बहन के रिश्ते ने फिल्म को अलग पहचान दी।

रोमांटिक हीरो की छवि में मशहूर शाहरुख खान को दर्शकों ने पहली बार इतने आक्रामक, बिंदास और सड़कछाप अंदाज में देखा। उनकी बॉडी लैंग्वेज, गोवा स्टाइल हेयरकट, खुली शर्ट, बाइक और बेफिक्र रवैये ने मैक्स डियास को यादगार बना दिया। आज भी कई प्रशंसक मानते हैं कि यह शाहरुख के सबसे अंडररेटेड किरदारों में से एक है।

भले ही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित नहीं हुई, लेकिन इसका संगीत आज भी लोगों की प्लेलिस्ट में मौजूद है।

  • ‘सैलारू सैलारे’,
  • ‘हम तो दिल से हारे’,
  • ‘है मेरा दिल’,
  • ‘अपुन बोला’

जैसे गाने रिलीज के 26 साल बाद भी सुने जाते हैं। खास बात यह कि ‘अपुन बोला’ में शाहरुख खान ने खुद अपनी आवाज दी थी। फिल्म का संगीत साल 2000 के सबसे लोकप्रिय एल्बमों में शामिल रहा।

बॉक्स ऑफिस पर औसत, यादों में सुपरहिट

करीब 16 करोड़ रुपये के बजट में बनी ‘जोश’ ने बॉक्स ऑफिस पर औसत कारोबार किया। उस समय इसे बड़ी सफलता नहीं माना गया, लेकिन वक्त के साथ फिल्म ने कल्ट का दर्जा हासिल कर लिया।

आज जब दर्शक फिल्म को याद करते हैं तो सिर्फ कहानी नहीं, बल्कि यह भी सोचते हैं कि अगर आमिर खान मैक्स बनते, काजोल शर्ली होतीं और शाहरुख किसी दूसरे किरदार में नजर आते, तो शायद ‘जोश’ बिल्कुल अलग फिल्म होती।

समय के साथ यह फिल्म एक कल्ट क्लासिक बन गई। 26 साल बाद भी ‘जोश’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि बॉलीवुड के उन अधूरे सपनों का नाम है, जिन्हें दर्शक आज भी पर्दे पर पूरा होते देखना चाहते हैं।

अगर कास्टिंग की पहली योजना सच हो जाती, तो शायद हिंदी सिनेमा का इतिहास कुछ और होता।