चारधाम यात्रा: जाम से राहत, सिस्टम हुआ स्मार्ट, सरपट दौड़ रही श्रद्धालुओं की गाड़ियां

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इस बार उत्तराखंड की चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं को सबसे बड़ी राहत “जाम” से मिली है। पिछले वर्षों में जहां हरिद्वार से लेकर सोनप्रयाग और बदरीनाथ हाईवे तक घंटों लंबा ट्रैफिक श्रद्धालुओं की परीक्षा लेता था, वहीं इस बार यात्रा मार्ग अपेक्षाकृत सुगम दिखाई दे रहा है। प्रशासन की नई रणनीति, आसान ग्रीन कार्ड व्यवस्था और चेक पोस्ट मैनेजमेंट ने यात्रा को काफी हद तक व्यवस्थित बना दिया है।

परिवहन विभाग के अनुसार, यात्रा मार्ग पर वाहनों को बार-बार रोकने के बजाय “वन टाइम चेकिंग सिस्टम” लागू किया गया है। हरिद्वार, नारसन और हरबर्टपुर जैसे प्रमुख चेक पोस्ट पर दस्तावेजों की जांच एक बार में पूरी कर वाहनों को आगे भेजा जा रहा है, जिससे लंबी कतारों की समस्या कम हुई है।

देहरादून आरटीओ और चारधाम यात्रा यातायात नोडल अधिकारी संदीप सैनी के मुताबिक, यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक करीब 20 हजार ग्रीन कार्ड जारी हो चुके हैं। खास बात यह है कि बीते वर्ष पूरे सीजन में लगभग 33 हजार ग्रीन कार्ड बने थे। इससे साफ है कि इस बार यात्रा में वाहनों की संख्या अधिक होने के बावजूद ट्रैफिक प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा रहा है।

सीमा में एंट्री के साथ ट्रैफिक कंट्रोल शुरू

चारधाम यात्रा के लिए उत्तराखंड की सीमा पर स्थित नारसन ग्रीन कार्ड सेंटर को इस बार सबसे अहम केंद्र बनाया गया है। यहां वाहनों के दस्तावेज, फिटनेस और परमिट की जांच पहले ही पूरी कर दी जाती है ताकि आगे मार्ग में रुकावट कम हो।

ड्राइवरों और यात्रियों के लिए यहां मूलभूत सुविधाओं का भी इंतजाम किया गया है। प्रशासन का प्रयास है कि यात्रा शुरू होने से पहले ही वाहनों को व्यवस्थित तरीके से नियंत्रित किया जाए।

बदरी से केदार तक पुलिस-प्रशासन अलर्ट

  • अधिकारियों ने स्वयं चारधाम मार्ग का निरीक्षण कर कमजोर स्थानों की पहचान की है।
  • केदारनाथ मार्ग पर गौरीकुंड तक ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त किया गया।
  • बदरीनाथ हाईवे पर सड़क चौड़ीकरण कार्य के चलते कुछ स्थानों पर चुनौती बनी हुई है, लेकिन पुलिस लगातार ट्रैफिक नियंत्रित कर रही है।
  • गंगोत्री-यमुनोत्री मार्ग पर पिछले मानसून में हुए भूस्खलन वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है।

सोनप्रयाग से शटल सेवा

प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि सोनप्रयाग से आगे निजी वाहन ले जाने की कोशिश न करें। मार्ग संकरा होने के कारण यहां शटल सेवा चलाई जा रही है। राहत की बात यह है कि बुजुर्गों और बच्चों को इस सेवा में प्राथमिकता और कई जगह नि:शुल्क सुविधा भी दी जा रही है।

 क्यों कम दिख रहा जाम?

  • ग्रीन कार्ड प्रक्रिया ऑनलाइन और आसान
  • चेक पोस्ट पर “एक बार जांच” व्यवस्था
  • रूट का पहले से निरीक्षण
  • संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त पुलिस बल

यात्रियों के लिए जरूरी सावधानियां

  • मौसम अपडेट देखकर ही यात्रा शुरू करें
  • रात में पहाड़ी मार्गों पर अनावश्यक सफर से बचें
  • सोनप्रयाग और यमुनोत्री रूट पर अतिरिक्त सतर्कता रखें
  • बुजुर्ग और हृदय रोगी स्वास्थ्य जांच के बाद ही यात्रा करें