चंडीगढ़ में मर्सिडीज कार से तीन किशोरों को टक्कर मारने के चर्चित मामले में पुलिस ने एक नाबालिग और एक बालिग आरोपी को हिरासत में लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि क्लब से बाहर निकलते समय कार का दरवाजा एक युवक से टकराने के बाद विवाद हुआ, जिसके कुछ देर बाद कार से टक्कर मार दी गई। पुलिस को यह भी संदेह है कि घटना के समय दोनों आरोपी शराब के नशे में थे। इसकी पुष्टि फॉरेंसिक और अल्कोहल जांच रिपोर्ट आने के बाद होगी।
चंडीगढ़ के बहुचर्चित मर्सिडीज हिट एंड रन मामले में पुलिस ने जांच तेज करते हुए दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। इनमें हरियाणा के फरीदाबाद निवासी अखिल हसराना और उसका 17 वर्षीय नाबालिग साथी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार घटना के समय मर्सिडीज कार नाबालिग चला रहा था, जबकि कार अखिल हसराना के नाम पर पंजीकृत है।
पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281 और 125(ए) के तहत मामला दर्ज किया है। फिलहाल ये धाराएं जमानती हैं। बालिग आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा, जबकि नाबालिग को किशोर न्याय कानून के प्रावधानों के तहत जमानत दे दी गई है। पुलिस का कहना है कि मेडिकल और अन्य जांच रिपोर्ट मिलने के बाद मामले में और गंभीर धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
क्या था पूरा मामला?
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार घटना की शुरुआत एक क्लब के बाहर हुई। बताया गया कि अखिल हसराना ने मर्सिडीज कार का दरवाजा खोला, जो वहां खड़े एक युवक से टकरा गया। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
आरोप है कि विवाद के बाद कार को तेजी से आगे बढ़ाया गया और सड़क पर मौजूद युवकों को टक्कर मार दी गई। इस घटना में तीन किशोर घायल हो गए।
तीन किशोर हुए घायल
घायलों में अलीस्प्रीत सिंह (सेक्टर-44, चंडीगढ़), अमजद (17 वर्ष) निवासी बापूधाम कॉलोनी और अक्षित (17 वर्ष) निवासी पंचकूला शामिल हैं। पुलिस के अनुसार तीनों नाबालिग हैं। इनमें से दो को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि एक घायल का इलाज अभी भी जारी है
पुलिस को संदेह है कि घटना के समय दोनों आरोपी शराब के नशे में थे। हालांकि इसकी पुष्टि फॉरेंसिक जांच और अल्कोहल टेस्ट रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में नशे की पुष्टि होती है या घायल की चिकित्सीय रिपोर्ट में गंभीर चोटें सामने आती हैं, तो मामले में अतिरिक्त और सख्त धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
पुलिस घटनास्थल के साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटा रही है। साथ ही फॉरेंसिक और मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। इन रिपोर्टों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।


