हल्द्वानी। बेलबाबा मंदिर के सामने उत्तराखंड हाईकोर्ट के प्रस्तावित नए परिसर के लिए चिह्नित जमीन पर निर्माण से पहले वन विभाग की ओर से पेड़ों और जमीन का आकलन शुरू कर दिया गया है। प्रारंभिक सर्वे में यहां 123 पेड़ चिह्नित किए गए हैं, जिन्हें परियोजना के लिए हटाया जाना प्रस्तावित है। इसके अलावा क्षेत्र में मौजूद हजारों पौधों को भी हटाना पड़ेगा।
हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में स्थानांतरित करने के फैसले के बाद अब प्रस्तावित स्थल पर जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। तराई केंद्रीय वन प्रभाग की भाखड़ा रेंज में आने वाली इस भूमि का प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और वन विभाग की टीमें अलग-अलग चरणों में सर्वे कर रही हैं।
वन विभाग जमीन की नेट प्रेजेंट वैल्यू (एनपीवी) का आकलन कर रहा है। जमीन और वहां मौजूद वन संपदा की निर्धारित लागत के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। परियोजना के लिए वन भूमि के हस्तांतरण के बदले आवश्यक भुगतान का प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी को भेजा जाएगा।
वहीं, हटाए जाने वाले पौधों की भरपाई के लिए दूसरी जगह पौधरोपण पर आने वाले खर्च का भी आकलन किया जा रहा है। वन विभाग के अनुसार जमीन हस्तांतरण के दौरान वन संबंधी सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा।



