देहरादून। साइबर अपराधी लगातार ठगी के नए-नए तरीके अपना रहे हैं। अब ऐसा मामला सामने आया है, जिसने पुलिस के साथ आम लोगों की भी चिंता बढ़ा दी है। देहरादून जिले के विकासनगर क्षेत्र में एक व्यक्ति के बैंक खाते से 2,09,921 रुपये निकाल लिए गए, जबकि पीड़ित के पास न तो कोई फोन कॉल आई, न कोई संदेश आया और न ही किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक कराया गया। बिना किसी प्रत्यक्ष संपर्क के हुई इस ठगी ने साइबर अपराध के बदलते तौर-तरीकों को फिर उजागर कर दिया है।
मामला विकासनगर कोतवाली क्षेत्र के बाड़वाला गांव का है। यहां रहने वाले विजय पुन, पुत्र कमान सिंह, ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत में बताया कि 9 जुलाई की रात उनके बैंक खाते से 2 लाख 9 हजार 921 रुपये निकाल लिए गए। उन्हें इस दौरान किसी प्रकार की कॉल, ओटीपी, संदेश या लिंक प्राप्त नहीं हुआ। जब खाते की जानकारी देखी तो रकम गायब मिली। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस से शिकायत की।
पीड़ित का कहना है कि उन्होंने किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ बैंक संबंधी जानकारी साझा नहीं की थी। यही वजह है कि यह मामला सामान्य ऑनलाइन ठगी से अलग माना जा रहा है। प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि साइबर अपराधियों ने किसी तकनीकी तरीके से बैंक खाते तक पहुंच बनाई और पूरी वारदात को अंजाम दिया।
शिकायत के आधार पर विकासनगर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ वित्तीय धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोतवाल राजीव रौथाण ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। बैंक लेन-देन का रिकॉर्ड, धनराशि किस खाते में भेजी गई और तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। जांच के बाद ही ठगी के तरीके और आरोपियों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सकेगी।
साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि अपराधी अब केवल फर्जी कॉल या लिंक के सहारे ही ठगी नहीं कर रहे हैं। कई मामलों में चोरी किए गए बैंकिंग विवरण, डिजिटल पहचान की नकल, मैलवेयर या अन्य तकनीकी तरीकों का इस्तेमाल कर खातों तक पहुंच बनाई जाती है। ऐसे में केवल संदिग्ध लिंक से बचना ही काफी नहीं है, बल्कि बैंक खाते की नियमित निगरानी करना भी बेहद जरूरी हो गया है।
इस घटना ने एक बार फिर साफ कर दिया है कि साइबर अपराधी लगातार अपने तरीके बदल रहे हैं। इसलिए यदि बैंक खाते में कोई भी संदिग्ध लेन-देन दिखाई दे तो बिना देर किए बैंक को सूचना देने के साथ ही राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 या स्थानीय पुलिस से संपर्क करना चाहिए। पुलिस ने लोगों से सतर्क रहने और बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी भी अनधिकृत व्यक्ति के साथ साझा न करने की अपील की है।


