ऋषिकेश-भानियावाला राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के लिए हो रही पेड़ों की कटाई मंगलवार को बड़े विवाद में बदल गई। पर्यावरण संरक्षण की मांग को लेकर जुटे प्रदर्शनकारियों ने कटान का विरोध करते हुए पेड़ों से चिपककर काम रुकवाने की कोशिश की।
सात मोड़ क्षेत्र में वन विकास निगम की ओर से सुबह पेड़ों की कटाई का कार्य शुरू कराया गया। जैसे ही मशीनें चलनी शुरू हुईं, विभिन्न पर्यावरण संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए।
प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेश लिखी तख्तियां लेकर नारेबाजी की और कई लोग पेड़ों से लिपट गए। उनका कहना था कि बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ों की कटाई से पर्यावरण और वन्य जीवन पर गंभीर असर पड़ेगा। उन्होंने कटान पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
इसी दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया जब एक प्रदर्शनकारी ने पेड़ काट रहे कर्मचारी के हाथ से पोर्टेबल आरा मशीन छीन ली और उसे कई बार जमीन पर पटककर क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना के बाद कुछ देर के लिए कटान का काम पूरी तरह रुक गया। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन विरोध जारी रहने पर पुलिस ने उन्हें हटाकर काम दोबारा शुरू कराया।
पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने और शांति व्यवस्था भंग करने के आरोप में कुल 13 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया। इनमें नौ पुरुष और चार महिलाएं शामिल हैं। इसके अलावा चार अन्य लोगों को एहतियात के तौर पर हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
पहले से विवादों में है परियोजना
ऋषिकेश-भानियावाला राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण परियोजना को लेकर लंबे समय से पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच बहस चल रही है। एक पक्ष सड़क चौड़ीकरण को यातायात और सुरक्षा के लिए आवश्यक बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई का विरोध कर रहा है। हाल के दिनों में इस परियोजना को लेकर न्यायालय में भी सुनवाई हो चुकी है और प्रशासन का कहना है कि कार्य नियमानुसार कराया जा रहा है। घटना के बाद किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सात मोड़ क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।


