मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले से सरकारी स्कूल की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिका पर बच्चों की पढ़ाई में लापरवाही बरतने और विरोध करने पर उन्हें कक्षा से बाहर धक्का देकर निकालने का आरोप लगाया गया है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
यह मामला श्योपुर जिले के मटासुला गांव स्थित एक सरकारी प्राथमिक विद्यालय का बताया जा रहा है। नए सत्र में बच्चों का दाखिला कराने पहुंचे कुछ अभिभावकों ने देखा कि कक्षा में कई छात्र-छात्राएं मौजूद थे, लेकिन उन्हें पढ़ाने के लिए कोई शिक्षक नहीं था। बच्चे काफी देर से बिना किसी निगरानी के बैठे हुए थे।
यह देखकर अभिभावकों ने स्कूल के अन्य स्टाफ से इसकी वजह पूछी। आरोप है कि उस समय कुछ शिक्षिकाएं कार्यालय में बैठकर आपस में बातचीत और नाश्ता करने में व्यस्त थीं, जबकि कक्षा में पढ़ाई पूरी तरह ठप थी।
पढ़ाने की बात कही तो भड़क गई शिक्षिका
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब एक अभिभावक ने शिक्षिका से बच्चों को पढ़ाने का अनुरोध किया, तो वह नाराज हो गईं। आरोप है कि उन्होंने नए बच्चों का प्रवेश करने से भी इनकार कर दिया। इसी दौरान अभिभावक ने मोबाइल फोन से वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया।
वीडियो बनते देख शिक्षिका का गुस्सा और बढ़ गया। वायरल वीडियो में वह कुछ बच्चों को कक्षा से बाहर निकालती हुई दिखाई देती हैं। आरोप है कि उन्होंने एक छात्रा को धक्का देकर बाहर भेज दिया और कहा कि अब वह इन बच्चों को नहीं पढ़ाएंगी तथा उन्हें दोबारा स्कूल लेकर न आने की बात भी कही।
वीडियो में आगे यह भी दिखाई देता है कि कैमरा चलने के दौरान शिक्षिका अचानक बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाना शुरू कर देती हैं। इस दृश्य को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। लोगों का कहना है कि कैमरे के सामने स्थिति सामान्य दिखाने की कोशिश की गई।
जैसे ही वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, लोगों ने सरकारी स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। बड़ी संख्या में यूजर्स ने दोषी पाए जाने पर संबंधित शिक्षिका के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। कई लोगों ने कहा कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए और इस तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।
मामला चर्चा में आने के बाद स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग ने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षिका के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।


