निहंग विवाद पर बढ़ा सस्पेंस: वार्ता बेनतीजा, 48 घंटे का अल्टीमेटम; सीमा पर हाई अलर्ट, सरकार ने बढ़ाई चौकसी

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देहरादून। कर्णप्रयाग में पार्किंग विवाद से शुरू हुआ निहंग प्रकरण अब उत्तराखंड-हिमाचल सीमा तक पहुंच गया है। शुक्रवार को पूरे दिन पांवटा साहिब-कुल्हाल सीमा पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा। प्रशासन और निहंग प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत के बावजूद कोई अंतिम सहमति नहीं बन सकी। इसके बाद निहंग समुदाय ने अपनी मांगों को लेकर उत्तराखंड सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दे दिया।

करीब तीन घंटे तक चली वार्ता में निहंग प्रतिनिधियों ने गिरफ्तार साथियों की रिहाई, घायल निहंग के बेहतर उपचार, संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई और दर्ज मुकदमों पर पुनर्विचार सहित चार प्रमुख मांगें रखीं। प्रशासन ने इन पर निर्णय के लिए दो दिन का समय मांगा, जबकि निहंगों ने चेतावनी दी कि निर्धारित समय में समाधान नहीं निकला तो वे आगे की रणनीति अपनाएंगे। फिलहाल उन्होंने पांवटा साहिब गुरुद्वारे में ही डेरा डाले रखा है।

स्थिति को देखते हुए उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। कुल्हाल बॉर्डर पर पुलिस, प्रशासन और सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। सीमा से गुजरने वाले हर वाहन की जांच की जा रही है और संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया और स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

इस बीच सरकार ने निहंग समुदाय के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को कर्णप्रयाग जाकर गिरफ्तार साथियों और अस्पताल में भर्ती घायल निहंग से मिलने की अनुमति भी दे दी है। प्रशासन का कहना है कि बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास जारी है।

गौरतलब है कि 16 जून को कर्णप्रयाग में हेमकुंड साहिब यात्रा पर जा रहे निहंगों और स्थानीय लोगों के बीच पार्किंग को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान हथियार निकलने से कई लोग घायल हुए, जिसके बाद पुलिस ने चार निहंगों को गिरफ्तार कर लिया। इसी कार्रवाई के विरोध में पंजाब से बड़ी संख्या में निहंग उत्तराखंड की ओर पहुंचे और मामला अब राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

प्रशासन ने आम लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। अब सभी की नजरें अगले 48 घंटों पर टिकी हैं कि बातचीत से समाधान निकलता है या यह विवाद नया मोड़ लेता है।