देहरादून। सरकारी कार्यक्रमों, निरीक्षणों और जनसमस्याओं के समाधान के दौरान अधिकारियों द्वारा सोशल मीडिया पर रील और वीडियो पोस्ट करने के बढ़ते चलन पर अब उत्तराखंड सरकार सख्ती के मूड में दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की नाराजगी के बाद शासन स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया आचरण संबंधी नई नियमावली तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
कार्मिक विभाग द्वारा बनाई जा रही इस गाइडलाइन के दायरे में जिलाधिकारी से लेकर विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे। नियमावली में यह स्पष्ट किया जाएगा कि सरकारी कार्यों के दौरान किस प्रकार की सामग्री सोशल मीडिया पर साझा की जा सकती है और किन गतिविधियों से बचना होगा।
हाल के वर्षों में निरीक्षण, फील्ड विजिट, जनसुनवाई और सरकारी आयोजनों के दौरान अधिकारियों की ओर से रील और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है। कई मामलों में ऐसे वीडियो चर्चा और विवाद का कारण भी बने हैं। वहीं, कुछ मामलों में इसे व्यक्तिगत छवि निर्माण के प्रयास के रूप में भी देखा गया, जिससे सरकारी कार्यशैली और प्रशासनिक गंभीरता पर सवाल उठे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही अधिकारियों को यह संदेश दे चुके हैं कि प्रशासनिक कार्यों में गरिमा, अनुशासन और गंभीरता बनाए रखना जरूरी है। सरकारी जिम्मेदारियों को प्रचार का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए और जनता की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
प्रस्तावित नियमावली में सरकारी कार्यक्रमों, निरीक्षणों और फील्ड विजिट के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग और रील निर्माण के लिए भी स्पष्ट मानक तय किए जाएंगे। शासन का मानना है कि इससे प्रशासनिक जवाबदेही और कार्यसंस्कृति में अनुशासन को बढ़ावा मिलेगा।
कार्मिक विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक समान सोशल मीडिया आचरण संहिता तैयार की जा रही है, ताकि सरकारी कार्यों की गरिमा और निष्पक्षता बनी रहे।

