
रिश्ते में भांजा था, इसलिए मामा ने उस पर भरोसा किया। भांजे ने इसी भरोसे को कारोबार का रास्ता बनाया और मामा को अच्छे मुनाफे का सपना दिखाकर करीब 1.09 करोड़ रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। जब मामा ने मुनाफा तो दूर अपनी रकम वापस मांगी तो भांजे के तेवर बदल गए। फोन उठाना बंद कर दिया और मामला यहीं नहीं रुका, मामा की जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी भी अपने नाम कराकर उसके कुछ हिस्से को बेच दिया। अब न्यायालय के आदेश पर राजपुर पुलिस ने भांजे के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
देहरादून के आईटी पार्क स्थित दून डिवाइन एन्क्लेव सोसायटी निवासी रविंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि उनकी बहन के बेटे सिद्धार्थ उर्फ बख्शी निवासी ओल्ड कनॉट प्लेस ने उन्हें बताया कि उसने नया कारोबार शुरू किया है। उसका दावा था कि कई लोग पहले ही इसमें पैसा लगा चुके हैं और उन्हें अच्छा लाभ मिल रहा है। रिश्ते पर भरोसा करते हुए रविंद्र भी भांजे के झांसे में आ गए।
जून 2021 से फरवरी 2022 के बीच उन्होंने अलग-अलग किश्तों में 1.09 करोड़ रुपये भांजे के खाते में ट्रांसफर कर दिए। शुरुआत में सब ठीक चलता रहा। भांजा कारोबार में लाभ होने और जल्द ही मुनाफे के साथ रकम लौटाने का भरोसा देता रहा। लेकिन जब रकम वापस लेने का समय आया तो कहानी बदल गई। भांजे ने टालमटोल शुरू कर दी और धीरे-धीरे मामा के फोन तक उठाने बंद कर दिए।
भरोसे पर जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी भी दी
आरोप है कि भांजे ने मामा को भरोसे में लेकर उनकी जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी भी अपने नाम करा ली। इसके बाद जमीन के कुछ हिस्से को बेच दिया गया। जानकारी मिलने पर रविंद्र ने पावर ऑफ अटॉर्नी निरस्त कराई।
रविंद्र के मुताबिक उन्होंने राजपुर थाने से लेकर एसएसपी कार्यालय तक शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्हें न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। न्यायालय के आदेश के बाद अब राजपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। शिकायतकर्ता का यह भी आरोप है कि भांजे ने उनके बड़े भाई से भी निवेश के नाम पर 55 लाख रुपये से अधिक लिए हैं।




