रुद्रपुर। बारावफात के जुलूस के दौरान कथित भड़काऊ भाषण देने के मामले में पुलिस ने रामपुर के दरियाल टांडा निवासी मुफ्ती मुजीब के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। जुलूस के दौरान दिए गए कथित भाषण का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो में मुफ्ती मुजीब मदरसों को लेकर बयान देते दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि उन्होंने मदरसों को बंद किए जाने की स्थिति में परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। वीडियो में वह मदरसों में शिक्षा दिए जाने तथा वहां लोगों को किसी पर जुल्म, ज्यादती अथवा चोरी न करने की सीख दिए जाने की बात कहते दिखाई दे रहे हैं।
कथित वीडियो में मुफ्ती मुजीब ने ईदगाह की भूमि का मुद्दा भी उठाया। वह ईदगाह की जमीन वापस करने की मांग करते दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि पहले ईदगाह के मैदान में बच्चे खेलते और व्यायाम करते थे। अब बच्चों के पास पढ़ाई के बाद खेलने और व्यायाम करने के लिए जगह नहीं बची है।
मामले में इंटरनेट मीडिया पर वीडियो प्रसारित होने के बाद पुलिस ने इसका संज्ञान लिया। नगर क्षेत्राधिकारी विभव सैनी ने बताया कि मुफ्ती मुजीब के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपित खेड़ा स्थित एक मदरसे में पढ़ाता है।
मामले की विवेचना उपनिरीक्षक दीपक कौशिक को सौंपी गई है। विवेचना के दौरान पुलिस कथित वीडियो, उसमें कही गई बातों, जुलूस के दौरान मौजूद लोगों तथा घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल करेगी।
मामले में पुलिस यह भी जांच करेगी कि कथित भाषण किन परिस्थितियों में दिया गया और वीडियो में कही गई बातों का पूरा संदर्भ क्या था। वीडियो की सत्यता तथा उपलब्ध अन्य साक्ष्यों की जांच के बाद पुलिस आगे की वैधानिक कार्रवाई करेगी।



