शादी के वीडियो आमतौर पर खुशियों और रस्मों के लिए देखे जाते हैं, लेकिन जौनसार-बावर के उदांवा गांव से सामने आया एक वीडियो ग्रामीण जीवन की बड़ी परेशानी की ओर ध्यान खींच रहा है। बुल्हाड़ गांव की शर्मिला को विवाह के बाद अपने ससुराल उदांवा पहुंचने के लिए पैदल रास्ता तय करना पड़ा। वीडियो सामाजिक माध्यमों पर प्रसारित होने के बाद गांव तक सड़क नहीं पहुंचने का मुद्दा फिर चर्चा में है।
शर्मिला का विवाह उदांवा निवासी अनिल चौहान से हुआ। क्षेत्र की पारंपरिक जोजोड़ा विवाह परंपरा के तहत दुल्हन बारात लेकर ससुराल पहुंची। लेकिन गांव तक मोटर मार्ग नहीं होने के कारण उसे और साथ आए लोगों को पैदल सफर करना पड़ा।
इस घटना ने उस समस्या को सामने ला दिया है, जिसका सामना ग्रामीणों को केवल शादी-विवाह में नहीं, बल्कि रोजमर्रा के कामों, बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाने और आपात स्थितियों में भी करना पड़ सकता है। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, मुख्य मार्ग से गांव तक करीब सात किलोमीटर का रास्ता है और मोबाइल संपर्क की सुविधा भी नहीं है।
शर्मिला ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से गांव तक मोटर मार्ग बनवाने की मांग की है। अब जरूरत इस बात की है कि संबंधित विभाग गांव की वास्तविक स्थिति का आकलन कर सड़क निर्माण की संभावनाओं, स्वीकृति और समयसीमा को लेकर स्पष्ट जानकारी दें।



