ठगी छत्तीसगढ़, बंगाल और तमिलनाडु में, नकदी हल्द्वानी के एटीएम से निकली, साइबर नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस

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हल्द्वानी। साइबर ठगी का शिकार देश के किसी दूसरे हिस्से में बैठा व्यक्ति हो रहा है, लेकिन ठगी की रकम की आवाजाही के तार नैनीताल जिले के बैंक खातों और एटीएम तक पहुंच रहे हैं। पुलिस की पड़ताल में छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में दर्ज साइबर ठगी की शिकायतों से जुड़े ऐसे लेनदेन सामने आए हैं, जिनमें हल्द्वानी और मुखानी के एटीएम से नकदी निकाले जाने की जानकारी मिली है। अब जांच का केंद्र यह पता लगाना है कि रकम किन खातों से होकर गुजरी, उसे निकालने वाले कौन थे और इस पूरी प्रक्रिया में खाताधारकों की क्या भूमिका रही।

मामले में कार्रवाई की रफ्तार को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों की नाराजगी के बाद नैनीताल पुलिस ने अचानक तेजी दिखाई। अपर पुलिस महानिदेशक डॉ. वी. मुरुगेशन की समीक्षा बैठक में देरी पर सवाल उठने के बाद जिले में एक ही रात में 43 प्राथमिकी दर्ज की गईं। इससे पहले छह मामले दर्ज थे। इस तरह कुल संख्या 49 पहुंच गई।

तीन राज्यों की शिकायतें

 पुलिस की जांच में सामने आए तीन मामले इस नेटवर्क की कार्यप्रणाली को समझने के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। छत्तीसगढ़ में 26.78 लाख रुपये की साइबर ठगी की शिकायत से जुड़े मामले में मुखानी के एक एटीएम से 60 हजार रुपये निकाले जाने की जानकारी मिली। पश्चिम बंगाल में 19.67 लाख रुपये की ठगी से संबंधित मामले में हल्द्वानी स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के एटीएम से 20 हजार रुपये निकाले गए। वहीं, तमिलनाडु में 3.99 लाख रुपये की ठगी से जुड़े मामले में आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के एटीएम से 40 हजार रुपये की निकासी सामने आई।

कई बैंकों के खाते जांच के दायरे में

 हल्द्वानी और मुखानी क्षेत्र में विभिन्न बैंकों के संदिग्ध खातों की जांच की जा रही है। इनमें पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, आईडीबीआई समेत अन्य बैंकों के खाते शामिल हैं। पुलिस को कुछ खातों में संदिग्ध लेनदेन, एक ही खाते के विरुद्ध कई साइबर शिकायतें और खाताधारकों के पते का सत्यापन नहीं हो पाने जैसी बातें मिली हैं।

 एक मामले में राजपुरा बस्ती निवासी शादाब के नाम के पंजाब नेशनल बैंक खाते में 25 फरवरी से 27 जुलाई 2026 के बीच 3.39 लाख रुपये आने का विवरण सामने आया। पुलिस के अनुसार, खाताधारक के पते का सत्यापन नहीं हो सका। इस तरह के मामलों में लेनदेन के स्रोत और खातों के इस्तेमाल की वास्तविक परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

 मुखानी क्षेत्र में बैंक ऑफ महाराष्ट्र के छह संदिग्ध खातों को फ्रीज किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, कुछ खातों के विरुद्ध पहले से कई शिकायतें दर्ज थीं। अन्य बैंकों के खातों में हुए लेनदेन की भी पड़ताल जारी है।