हल्द्वानी। तेजी से बदलते दौर में जब नई पीढ़ी अपनी मातृभाषा से दूर होती जा रही है, ऐसे समय में हल्द्वानी से एक उम्मीद जगाने वाली पहल सामने आई है। सौहार्द जन सेवा समिति ने सरकारी एवं निजी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के बीच कुमाउनी भाषा के संरक्षण और संवर्धन का बीड़ा उठाया है।
प्रेस वार्ता में संस्था ने अपने इस अभियान की रूपरेखा मीडिया के सामने रखी। संस्था अध्यक्ष विद्या महतोलिया ने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कृति, रीति-रिवाज और पहचान की आत्मा होती है। वर्ष 2003 से सामाजिक सरोकारों से जुड़ी संस्था अब कुमाउनी बोली को बच्चों तक पहुंचाने के लिए सीधे स्कूलों में जाएगी। उन्होंने कहा कि कुमाउनी भाषा को बचाने की यह पहल आज भले ही विद्यालयों से शुरू हो रही हो, लेकिन इसका प्रभाव आने वाले समय में पूरे समाज पर दिखाई देगा क्योंकि जब भाषा बचेगी, तभी संस्कृति बचेगी।
इस पहल के तहत विद्यालयों में कुमाउनी भाषा में कविता पाठ, स्वच्छता, नशा मुक्ति और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर अपनी बोली के प्रति अपनापन और गर्व पैदा करना है। प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा, जिससे उनका उत्साह और बढ़े।
संस्था का मानना है कि जब बच्चे अपनी भाषा में सोचेंगे और बोलेंगे, तो वे अपने पारंपरिक पहनावे, लोक संस्कृति और जीवन मूल्यों से भी जुड़ेंगे। यह पहल न केवल भाषा को बचाने की कोशिश है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का प्रयास भी है। इस अभियान के लिए जिला शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी से अनुमति प्राप्त कर ली गई है, जिससे कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से विद्यालयों में लागू किया जा सके।
प्रेस वार्ता में संस्था के संरक्षक पीसी पंत ने मीडिया से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जनसमर्थन और प्रचार-प्रसार के बिना कोई भी सांस्कृतिक आंदोलन सफल नहीं हो सकता। उन्होंने उम्मीद जताई कि मीडिया की भागीदारी से यह पहल जन-आंदोलन का रूप लेगी और भविष्य में इसे और व्यापक स्तर पर संचालित किया जाएगा।
इस दौरान मार्गदर्शक डॉ. बीना मथेला, संरक्षक नीरज बोरा, उपाध्यक्ष नंदा पांडे, सह-उपाध्यक्ष पूर्णिमा पांडे, सचिव विद्या जोशी, उप-सचिव अंजू पांडे, संयुक्त सचिव शशि जोशी, कोषाध्यक्ष ममता भट्ट, महामंत्री रमा पांडेय, जनसंपर्क अधिकारी माया उप्रेती, संयोजक ईश्वर चंद्र भट्ट और सदस्य पुनीता पांडे सहित संस्था के कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

