UKSSSC परीक्षा गड़बड़ी मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई, पूर्व ओएसडी के ठिकाने से 32 लाख नकद और सोना बरामद

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उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की वर्ष 2016 की ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा में कथित अनियमितताओं से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने 10 सितंबर को देहरादून में कई संबंधित ठिकानों पर तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान तत्कालीन आयोग सचिव और तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल में ओएसडी रहे चंदन सिंह जीना के आवास से करीब 32 लाख रुपये की अघोषित नकदी बरामद होने की बात सामने आई है।

जांच एजेंसी के अनुसार, तलाशी में करीब 200.5 ग्राम सोना भी मिला। इसमें सोने के सिक्के और चेन शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न महंगी घड़ियां भी बरामद की गईं। ईडी ने जीना और उनके परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में उपलब्ध करीब 52.16 लाख रुपये की राशि को धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत फ्रीज किया है। एजेंसी के मुताबिक बरामद और फ्रीज की गई संपत्तियों का कुल मूल्य करीब 1.28 करोड़ रुपये है, हालांकि इसमें बरामद महंगी घड़ियों का मूल्यांकन शामिल नहीं है। मोबाइल फोन भी जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।

मामला वर्ष 2016 में हुई ग्राम पंचायत विकास अधिकारी परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं में कथित हेरफेर से जुड़ा है। ईडी की जांच में सामने आया है कि सुरक्षित रखी गई ओएमआर शीट कथित तौर पर तत्कालीन सचिव के निजी आवास तक पहुंची थीं। आरोप है कि जिन उत्तर पुस्तिकाओं में कुछ प्रश्नों के उत्तर खाली छोड़े गए थे, उन्हें निजी कंप्यूटर एजेंसी से जुड़े कर्मचारियों तक पहुंचाया गया। इसके बाद कथित तौर पर खाली उत्तरों को भरकर शीट दोबारा सील की गईं। एजेंसी अब इस पूरी प्रक्रिया में हुए कथित अवैध लेन-देन और उससे अर्जित संपत्तियों के स्रोत की जांच कर रही है।

ईडी ने तत्कालीन आयोग अध्यक्ष, सचिव, परीक्षा नियंत्रक और निजी कंप्यूटर एजेंसी से जुड़े लोगों के परिसरों पर भी तलाशी ली है। कार्रवाई में कई मोबाइल फोन और अन्य सामग्री जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है।

ईडी की कार्रवाई में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत से जुड़े एक परिसर की तलाशी का भी उल्लेख है। एजेंसी के अनुसार चंदन सिंह जीना वर्ष 2014 से 2017 के बीच तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकाल में ओएसडी के पद पर रहे थे। हालांकि, ईडी की ओर से जारी जानकारी में हरीश रावत को इस मामले में आरोपी नहीं बताया गया है। एजेंसी फिलहाल बरामद नकदी, सोने, घड़ियों और बैंक खातों में मिली रकम के स्रोत के साथ परीक्षा में कथित गड़बड़ी से जुड़े आर्थिक लेन-देन की जांच कर रही है।