देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने उपनल के माध्यम से विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए समान कार्य–समान वेतन सिद्धांत के अनुरूप न्यूनतम वेतनमान और महंगाई भत्ता देने का फैसला लिया है। यह लाभ उन सभी उपनल कार्मिकों को मिलेगा, जिन्होंने राज्य सरकार के किसी भी विभाग या संस्था में 12 वर्ष या उससे अधिक की निरंतर सेवा पूरी कर ली है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ देर शाम तक चली वार्ता में उपनल कर्मियों की प्रमुख मांगों पर सहमति बन गई। शासनादेश जारी होने की प्रतीक्षा में देर रात तक परेड ग्राउंड में डटे उपनल कर्मियों ने सरकार के आश्वासन के बाद हड़ताल स्थगित कर दी। सरकार ने तीन दिनों के भीतर आदेश जारी करने का भरोसा दिया है।
सैनिक कल्याण विभाग के सचिव दीपेंद्र चौधरी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि यह निर्णय हाईकोर्ट के आदेशों के अनुपालन में लिया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन कर्मियों की सेवा अवधि अभी 12 वर्ष पूरी नहीं हुई है, उन्हें भी चरणबद्ध तरीके से न्यूनतम वेतनमान और डीए प्रदान करने की प्रक्रिया जल्द प्रारंभ की जाएगी।
इस निर्णय से आगामी समय में बड़ी संख्या में उपनल कर्मियों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। सरकार ने यह भी कहा है कि संबंधित विभाग अपने यहाँ कार्यरत उपनल कर्मियों को ही यह वेतनमान और डीए उपलब्ध कराएंगे। विभागीय स्तर पर इस पर सैद्धांतिक सहमति भी बन चुकी है।

