हल्द्वानी। ईद-उल-जुहा (बकरीद) को लेकर देशभर में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में हैं। उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, बिहार और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में पुलिस और प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है, जबकि ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से लगातार निगरानी रखी जा रही है।
उत्तराखंड में भी बकरीद को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। नैनीताल जिले में पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ा दी है। हल्द्वानी, रामनगर और नैनीताल शहर में मस्जिदों और ईदगाहों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने शांति समिति की बैठकों के जरिए लोगों से आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट और अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर जैसे जिलों में भी अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने की तैयारी है। त्योहार के दौरान यातायात और भीड़ प्रबंधन के लिए अलग से प्लान तैयार किया गया है।

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने सुरक्षा को लेकर सख्त निर्देश दिए हैं। प्रदेश के कई शहरों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है। लखनऊ, वाराणसी, संभल और आगरा जैसे शहरों को जोन और सेक्टर में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि सड़कों पर नमाज की अनुमति नहीं होगी और जरूरत पड़ने पर अलग-अलग पालियों में नमाज कराई जाएगी।
दिल्ली में भी बकरीद से पहले पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया। पुरानी दिल्ली और हौज काजी समेत कई क्षेत्रों में पुलिस बल की गश्त बढ़ा दी गई है। राजधानी को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
पश्चिम बंगाल में इस बार ईद की नमाज के स्थान को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। कोलकाता में रेड रोड की जगह ब्रिगेड ग्राउंड में नमाज कराए जाने के फैसले पर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

बिहार में भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। मुख्य सचिव और पुलिस मुख्यालय की ओर से सभी जिलों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं। संवेदनशील इलाकों में दंगा नियंत्रण बल और अतिरिक्त जवान तैनात किए जाएंगे।
देशभर में प्रशासन का फोकस इस बार सुरक्षा, निगरानी और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने पर है, ताकि बकरीद का त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके।

