हल्द्वानी के गौलापार में दर्दनाक हादसा: पानी की टंकी साफ करते समय जहरीली गैस की चपेट में आने से मां और दो बेटों की मौत

Spread the love

हल्द्वानी। गौलापार क्षेत्र में एक बेहद दुखद और रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ घर में बनी भूमिगत पानी की टंकी की सफाई करते समय एक ही परिवार के तीन लोगों की अकाल मृत्यु हो गई। बंद टंकी में अचानक दम घुटने और जहरीली गैस की चपेट में आने से मां सरस्वती देवी और उनके दो सगे बेटों धर्मेंद्र सिंह और खुशाल सिंह की जान चली गई। एक ही घर से तीन-तीन अर्थियाँ उठने की इस खबर से पूरे क्षेत्र में मातम छा गया है और परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, घर में बनी पानी की टंकी काफी समय से बंद पड़ी थी। पानी की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए परिवार ने इसे खुद साफ करने की योजना बनाई, लेकिन किसी को इस बात का तनिक भी अहसास नहीं था कि यह बंद टंकी काल का ग्रास बन जाएगी। सफाई के सिलसिले में सबसे पहले एक भाई टंकी के भीतर उतरा। लंबे समय से बंद रहने के कारण टंकी के भीतर ऑक्सीजन खत्म हो चुकी थी और विषैली गैस जमा थी, जिसकी वजह से नीचे उतरते ही वह अचेत होकर गिर पड़ा।

जब काफी देर तक अंदर से कोई हलचल नहीं हुई, तो दूसरा भाई अपने भाई की जान बचाने की खातिर बिना सोचे-समझे तुरंत टंकी में उतर गया। परंतु गैस का असर इतना खतरनाक था कि वह भी पल भर में बेहोश हो गया। अपने दोनों जिगर के टुकड़ों को अंदर फंसा और अचेत देख बदहवास मां सरस्वती देवी ने भी अपनी जान की परवाह न करते हुए उन्हें बाहर निकालने के लिए टंकी में कदम रख दिया। दुर्भाग्य से, ममता की यह जंग जहरीली गैस के आगे हार गई और मां सरस्वती देवी भी वहीं अचेत होकर गिर पड़ीं।

चीख-पुकार सुनकर मौके पर पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों ने किसी तरह भारी मशक्कत के बाद तीनों को टंकी से बाहर निकाला और आनन-फानन में सुशीला तिवारी अस्पताल पहुँचाया। चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद मां सरस्वती देवी और उनके दोनों बेटों, धर्मेंद्र सिंह व खुशाल सिंह, को मृत घोषित कर दिया।

सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासनिक स्तर पर प्राथमिक जांच में मौत की वजह टंकी के भीतर ऑक्सीजन की भारी कमी और विषैली गैसों का जमाव माना जा रहा है।