पहाड़ों में भी बढ़ने लगे संगीन अपराध: गुमशुदगी की तलाश के दौरान खुला नाबालिग से दुष्कर्म का मामला

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बागेश्वर। कभी सुरक्षित माने जाने वाले उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में भी अब महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ गंभीर अपराध चिंता का विषय बनने लगे हैं। बागेश्वर जिले की काफलीगैर तहसील के एक गांव की 14 वर्षीय किशोरी की गुमशुदगी की जांच के दौरान ऐसा ही एक सनसनीखेज मामला सामने आया। तीन दिन तक किशोरी की तलाश में जुटी पुलिस जब उसे सकुशल बरामद कर कोतवाली लाई, तो पूछताछ में उसने जो आपबीती सुनाई, उसने पूरे मामले का रुख ही बदल दिया।

जानकारी के अनुसार, किशोरी तीन दिन पहले शाम के समय बागेश्वर की ओर आ रही थी। रास्ते में उसने एक ट्रक चालक से लिफ्ट ली। आरोप है कि चालक ने रास्ते में उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद किशोरी सदमे और डर के कारण सीधे अपने रिश्तेदारों के घर चली गई, लेकिन उसने न तो परिजनों को और न ही किसी अन्य व्यक्ति को घटना की जानकारी दी।

इधर, बेटी के घर नहीं लौटने पर उसके पिता ने झिरौली थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी। शिकायत मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। झिरौली से लेकर जिला मुख्यालय तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, संभावित मार्गों पर लोगों से पूछताछ की गई और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से किशोरी की तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि किशोरी का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर प्रसारित हो रहा है। इसके बाद जांच का दायरा और बढ़ाया गया।

लगातार तलाश के बाद पुलिस किशोरी तक उसके रिश्तेदारों के घर पहुंची और उसे सकुशल बरामद कर लिया। कोतवाली में पूछताछ के दौरान किशोरी ने ट्रक चालक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण कराया और उसे बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के समक्ष पेश किया, जहां उसके बयान दर्ज किए गए। फिलहाल किशोरी को वन स्टॉप सेंटर में रखा गया है, जहां उसे आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि किशोरी पहले भी एक बार घर से चली गई थी, तब भी पुलिस ने उसे सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया था। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर बताई जा रही है।

पुलिस उपाधीक्षक मनीष शर्मा ने बताया कि गुमशुदगी की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी थी। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर किशोरी को सकुशल बरामद किया गया। उसके बयान के आधार पर ट्रक चालक के खिलाफ पोक्सो अधिनियम समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और उसे जल्द गिरफ्तार किए जाने की बात कही जा रही है।

यह घटना एक बार फिर इस बात की चेतावनी देती है कि उत्तराखंड के शांत और सुरक्षित माने जाने वाले पहाड़ी क्षेत्रों में भी अब महिलाओं और नाबालिगों के खिलाफ अपराध के मामले सामने आने लगे हैं। ऐसे में परिवारों की सतर्कता, बच्चों में जागरूकता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गई है।