प्रेमी के लिए पति की जिंदगी की रोशनी छीन ली! तेजाब से झुलसे मुजफ्फर को मिला इंसाफ, पत्नी को उम्रकैद

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जिस महिला के साथ सात जन्मों का साथ निभाने का सपना देखा, उसी ने एक रात पति की जिंदगी अंधेरे में धकेल दी। संभल में प्रेम प्रसंग के विरोध से नाराज पत्नी ने सोते हुए पति पर बाल्टी भरकर तेजाब उड़ेल दिया। हमले में पति ने अपनी दोनों आंखों की रोशनी गंवा दी। अब इस दिल दहला देने वाले मामले में अदालत ने दोषी पत्नी को उम्रकैद की सजा सुनाकर पीड़ित को न्याय दिलाया है।

उत्तर प्रदेश के संभल जिले में रिश्तों के विश्वास को झकझोर देने वाले एसिड अटैक मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने पति पर तेजाब फेंकने की दोषी पत्नी कहकशां को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर करीब पौने दो लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

जानकारी के अनुसार मुजफ्फर अली और कहकशां ने प्रेम विवाह किया था। शादी के कुछ समय बाद ही दोनों के रिश्तों में खटास आने लगी। आरोप है कि कहकशां का पड़ोस के एक युवक से प्रेम संबंध हो गया था, जिसका मुजफ्फर लगातार विरोध कर रहा था।

मार्च 2025 में विवाद उस समय और बढ़ गया जब मुजफ्फर ने अपनी पत्नी को कथित तौर पर प्रेमी के साथ आपत्तिजनक हालत में देख लिया। इसके बाद घर में अक्सर तनाव रहने लगा। इसी रंजिश ने एक खौफनाक साजिश का रूप ले लिया।

सोते हुए पति पर बरसाया तेजाब

एक रात जब मुजफ्फर गहरी नींद में था, तभी उसकी पत्नी ने उस पर बाल्टी भरकर तेजाब डाल दिया। तेजाब के हमले से उसका चेहरा, गर्दन और शरीर का बड़ा हिस्सा बुरी तरह झुलस गया। दर्द से तड़पते मुजफ्फर को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया।

छह महीने मौत से लड़ता रहा

मुजफ्फर का इलाज दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में चला, जहां वह करीब छह महीने तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता रहा। डॉक्टर उसकी जान बचाने में सफल रहे, लेकिन तेजाब ने उसकी दोनों आंखों की रोशनी हमेशा के लिए छीन ली। आज भी वह कई शारीरिक परेशानियों और संक्रमण से जूझ रहा है।

अदालत में भावुक कर देने वाला दृश्य

जब अदालत ने दोषी महिला को उम्रकैद की सजा सुनाई तो कोर्ट रूम का माहौल भावुक हो गया। कहकशां फैसले के बाद रो पड़ी, जबकि पीड़ित मुजफ्फर अपनी मां का सहारा लेकर अदालत पहुंचा। आंखों की रोशनी खो चुके मुजफ्फर ने वर्षों बाद न्याय का फैसला सुना।

अदालत का यह फैसला केवल एक पीड़ित को न्याय दिलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी सख्त संदेश है जो रिश्तों की आड़ में जघन्य अपराधों को अंजाम देते हैं। न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया कि किसी भी परिस्थिति में कानून हाथ में लेने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।