ईरान की राजधानी तेहरान में देर रात हुए भीषण हमले के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई में शहर के प्रमुख तेल डिपो और ईंधन भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया गया। हमले के बाद जोरदार धमाकों की आवाज से पूरा क्षेत्र दहल उठा और तेल टैंकों में आग लगने से आसमान में काले धुएं का विशाल गुबार उठने लगा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमले के तुरंत बाद कई जगहों से आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठती दिखाई दीं। आग इतनी भयानक थी कि तेहरान के कई हिस्सों से धुएं का गुबार साफ देखा गया। स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के लिए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया।
सूत्रों के मुताबिक हमले में ईरान के ऊर्जा ढांचे को खास तौर पर निशाना बनाया गया। माना जा रहा है कि तेल भंडारण टैंकों और ईंधन डिपो पर मिसाइलें दागी गईं, जिससे कई जगह धमाके हुए और आग तेजी से फैल गई। हालांकि अब तक हमले में हुए नुकसान और हताहतों की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इस हमले के बाद पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ गया है। पहले से ही क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के बीच इस कार्रवाई को बड़ा सैन्य कदम माना जा रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस घटना के बाद ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई की संभावना भी बढ़ गई है, जिससे क्षेत्र में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
वहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस हमले के बाद चिंता बढ़ गई है। कई देशों ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। यदि जवाबी हमले होते हैं तो इसका असर पूरे मिडिल ईस्ट की सुरक्षा और वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ सकता है।

