प्रतापगढ़। उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में प्रेम, परिवार और आपसी सहमति की एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने पूरे इलाके का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। दाऊदपुर गांव की रहने वाली सानिया बानो और अमन कुमार ने तमाम सामाजिक बाधाओं को पार करते हुए विवाह कर लिया। इस शादी की सबसे खास बात यह रही कि रिश्ते को मंजूरी मिलने से पहले थाने में करीब छह घंटे तक दोनों पक्षों के बीच बातचीत चली।
जानकारी के अनुसार, सानिया बानो और अमन कुमार के घर एक-दूसरे से करीब 300 मीटर की दूरी पर हैं। दोनों पिछले चार वर्षों से एक-दूसरे को चाहते थे। जब इस रिश्ते की जानकारी सानिया के पिता खुर्शीद आलम को हुई तो उन्होंने आपत्ति जताते हुए पुलिस से शिकायत की।
मामला थाने पहुंचा, जहां पुलिस ने दोनों परिवारों को बुलाकर बातचीत शुरू कराई। करीब छह घंटे तक चली चर्चा के दौरान दोनों पक्षों की बातें सुनी गईं। इस बीच सानिया ने साफ तौर पर कहा कि वह अपनी इच्छा से अमन कुमार के साथ विवाह करना चाहती हैं। लंबी बातचीत के बाद आखिरकार पिता खुर्शीद आलम ने बेटी की खुशी को स्वीकार कर लिया। उनकी सहमति मिलते ही माहौल बदल गया और दोनों परिवारों के बीच तनाव की जगह खुशी ने ले ली।
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इसके बाद सानिया बानो और अमन कुमार का विवाह पूरे विधि-विधान से संपन्न कराया गया। नवविवाहित जोड़े ने अपने माता-पिता का आशीर्वाद लिया। विवाह से पहले युवती ने शपथ पत्र देकर यह भी स्पष्ट किया कि उसने अपनी इच्छा से जीवनसाथी चुना है। किसी प्रकार के भविष्य के विवाद से बचने के लिए हलफनामा भी तैयार कराया गया।
बताया गया कि विवाह प्रक्रिया में दोनों पक्षों के प्रतिनिधि गवाह बने। सानिया के पिता खुर्शीद आलम और अमन पक्ष से अमर बहादुर ने गवाह के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
यह घटना अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोग इसे सिर्फ एक शादी नहीं, बल्कि संवाद, पारिवारिक सहमति और सामाजिक सौहार्द का उदाहरण मान रहे हैं। जहां अक्सर ऐसे मामलों में विवाद और टकराव देखने को मिलते हैं, वहीं इस मामले में बातचीत के जरिए समाधान निकलना लोगों को सकारात्मक संदेश दे रहा है।

