स्मृति मंधाना के हाथों में टीम इंडिया की कमान, बेटी को क्रिकेट कप्तान बनता देख भावुक हुए पिता

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कभी महाराष्ट्र के सांगली में क्रिकेट खेलते हुए बेटी को आगे बढ़ते देखने वाले श्रीनिवास मंधाना के लिए छह अक्टूबर का दिन किसी सपने के सच होने जैसा रहा। भारतीय महिला क्रिकेट में लंबे समय से अपनी अलग पहचान बना चुकी स्मृति मंधाना को अब टीम इंडिया की कप्तानी सौंप दी गई। बीसीसीआई के इस फैसले की खबर मिलते ही पिता श्रीनिवास भावुक हो उठे। बेटी के सफर को याद करते हुए उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।

 स्मृति को हरमनप्रीत कौर के कप्तानी पद से हटने के बाद टीम की नई कमान मिली है। बीसीसीआई के मुताबिक स्मृति अब भारतीय महिला टीम की पूर्णकालिक सफेद गेंद कप्तान होंगी। वह पहले भी 18 टी20 अंतरराष्ट्रीय और चार वनडे में भारत की कप्तानी कर चुकी हैं।

स्मृति की कप्तानी की खबर ने उनके पिता को उन शुरुआती दिनों की याद दिला दी, जब क्रिकेट उनके लिए सिर्फ खेल नहीं बल्कि बेटी के भविष्य का सपना बन चुका था। सांगली से शुरू हुआ स्मृति का सफर घरेलू क्रिकेट से भारतीय टीम तक पहुंचा और अब उसी टीम की कप्तानी उनके हाथों में है।

श्रीनिवास ने बेटी पर भरोसा जताते हुए उम्मीद जाहिर की कि वह नई जिम्मेदारी को मजबूती से निभाएगी। उन्होंने यह भी विश्वास जताया कि स्मृति की कप्तानी में भारतीय टीम टी20 विश्व कप जीतने में सफल हो सकती है।

स्मृति के सामने अब सिर्फ रन बनाने की चुनौती नहीं होगी, बल्कि मैदान पर टीम को दिशा देने की जिम्मेदारी भी होगी। बीसीसीआई ने उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन पर भरोसा जताया है। वह 2013 से भारतीय टीम का हिस्सा हैं और घरेलू व फ्रेंचाइजी क्रिकेट में भी नेतृत्व कर चुकी हैं। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को उनकी कप्तानी में 2024 और 2026 में महिला प्रीमियर लीग का खिताब मिला।

अब सांगली की इस बेटी के सामने टीम इंडिया की कप्तानी में अपनी नई पहचान बनाने की चुनौती है। पिता की आंखों में आए आंसू इस उपलब्धि की चमक के साथ उस लंबे सफर की कहानी भी बयां कर रहे हैं, जिसमें एक बेटी के क्रिकेटर बनने के सपने से लेकर देश की कप्तान बनने तक का सफर शामिल है।