हल्द्वानी। उत्तर प्रदेश की सियासत में उठे एक बयान की गूंज उत्तराखंड तक पहुंच गई है। अखिलेश यादव की टिप्पणी पर अब हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने सवाल उठाते हुए उत्तर प्रदेश की सत्ता में उत्तराखंड मूल के नेताओं के योगदान की याद दिलाई है। उन्होंने हेमवती नंदन बहुगुणा, नारायण दत्त तिवारी और योगी आदित्यनाथ का जिक्र करते हुए कहा कि राजनीतिक विचारधारा अलग होने के बावजूद सभी का सम्मान किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव से अपने बयान का संदर्भ स्पष्ट करने की मांग की।
सुमित हृदयेश ने कहा कि भारतीय संविधान हर नागरिक को देश के किसी भी हिस्से में रहने और बसने का अधिकार देता है। उत्तराखंड के लोग देश और विदेश में विभिन्न क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं। ऐसे में किसी भी टिप्पणी का आशय स्पष्ट होना चाहिए, ताकि अनावश्यक भ्रम की स्थिति न बने।
तीन मुख्यमंत्रियों का जिक्र क्यों अहम?
विधायक ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा और नारायण दत्त तिवारी के साथ वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का नाम लेकर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के राजनीतिक रिश्तों की ओर ध्यान खींचा। उनका कहना है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी भी व्यक्ति के प्रति सम्मान बना रहना चाहिए। अब इस विवाद में अखिलेश यादव की ओर से आने वाला स्पष्टीकरण राजनीतिक बहस की दिशा तय कर सकता है।



