उत्तरकाशी स्थित केदारताल के उच्च हिमालयी क्षेत्र में लापता आठ लोगों की तलाश के दौरान बर्फ के नीचे दबा एक टेंट मिला है। टेंट के भीतर कपड़े, चप्पलें और राशन सामग्री भी बरामद हुई है, लेकिन इन वस्तुओं के मिलने के बावजूद सात ट्रैकर और गाइड सिद्धार्थ राणा का कोई पता नहीं चल सका। खोज में जुटी टीम ने टेंट के आसपास दो से तीन किलोमीटर के दायरे में भी सघन तलाशी ली, लेकिन सफलता नहीं मिली। लगातार भारी बर्फबारी, शून्य दृश्यता और बिगड़ते मौसम ने अभियान को इतना चुनौतीपूर्ण बना दिया कि फिलहाल पैदल तलाशी रोकनी पड़ी है।
गढ़वाल हिमालयन ट्रैकिंग एवं माउंटेनियरिंग एसोसिएशन की ओर से लापता दल की तलाश के लिए नौ सदस्यीय विशेषज्ञ टीम रवाना की गई थी। संगठन के वरिष्ठ सदस्य तमन रतूड़ी के नेतृत्व में टीम ने भोज खरक और कच्ची ढांग-केदार खरक क्षेत्र में कठिन परिस्थितियों के बीच खोज अभियान चलाया। इसी दौरान टीम को बर्फ में दबा टेंट दिखाई दिया।
टेंट से सामान मिला, लेकिन लोगों का पता नहीं
टीम ने टेंट के ऊपर जमी बर्फ हटाकर अंदर तलाशी ली। यहां कपड़े, चप्पलें और राशन सामग्री मिली। इसके बाद आसपास के दो से तीन किलोमीटर क्षेत्र में पैदल खोजबीन की गई। हालांकि, लापता लोगों से जुड़ा कोई दूसरा सुराग हाथ नहीं लगा। टेंट में मिले सामान से यह पता चलता है कि वहां ठहराव की व्यवस्था थी, लेकिन बरामदगी के आधार पर यह पुष्टि नहीं हुई है कि लापता आठों लोग उसी स्थान पर मौजूद थे।
मौसम के आगे थमे खोज अभियान के कदम
उच्च हिमालयी क्षेत्र में लगातार बर्फबारी, बेहद खराब मौसम और शून्य दृश्यता के कारण टीम को आगे बढ़ने में गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ऐसे में खोज अभियान जारी रखना स्वयं बचाव दल के सदस्यों के लिए भी जोखिम भरा हो गया। उनकी सुरक्षा को देखते हुए एसोसिएशन ने फिलहाल पैदल तलाशी अभियान स्थगित कर दिया है।
संगठन के अध्यक्ष जयेंद्र सिंह राणा ने बताया कि टीम ने विषम परिस्थितियों में व्यापक स्तर पर तलाश की, लेकिन मौसम अनुकूल नहीं होने के कारण अभियान जारी रखना सुरक्षित नहीं था। मौसम में सुधार होने के बाद आगे की परिस्थितियों के अनुसार दोबारा खोज अभियान चलाने का निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल आठों लापता लोगों की तलाश में मिले टेंट और उसके भीतर बरामद सामान से आगे कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है।



