
पिथौरागढ़। घर में चल रहे लकड़ी के काम के बीच कारपेंटर ने मौका देखकर अलमारी का ताला तोड़ दिया और करीब 12 लाख रुपये के जेवर लेकर फरार होने की तैयारी कर ली। घर की देखरेख कर रही महिला को सामान अस्त-व्यस्त मिला तो चोरी का पता चला। समय रहते पुलिस को सूचना मिलने से आरोपी पकड़ा गया और उसके पास से पांच तोले से अधिक सोने व मोती के आभूषण बरामद कर लिए गए।
जाजरदेवल क्षेत्र के सुजई निवासी मंजू धामी अपने पति के साथ ननद से मिलने बंगलुरू गई थीं। घर में लकड़ी का काम चल रहा था, जिसके लिए कारपेंटर लगाए गए थे। उन्होंने पड़ोस में रहने वाली अपनी दूसरी ननद ममता को घर खोलने-बंद करने और काम की निगरानी की जिम्मेदारी दी थी। बीते बृहस्पतिवार सुबह ममता ने घर खोला और कारपेंटर काम में जुट गए। दोपहर में ममता चाय देने पहुंची तो घर के भीतर कुछ सामान अस्त-व्यस्त देखकर उसे शक हुआ। फोन पर मंजू से जानकारी लेने के बाद अलमारी देखी गई तो उसका ताला टूटा मिला और भीतर रखे जेवर गायब थे।
ममता और उनके पति रमेश धामी ने तत्काल जाजरदेवल थाने पहुंचकर प्राथमिकी दर्ज कराई। पुलिस ने कारपेंटरों से पूछताछ शुरू की। शक के आधार पर धमौरा, थाना मिलक, जिला रामपुर निवासी 37 वर्षीय अहमद नबी से पूछताछ की गई तो उसने चोरी करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से पांच तोले से अधिक सोने और मोती के आभूषण बरामद किए। बरामद जेवरों की कीमत 12 लाख रुपये से अधिक बताई गई है।
थानाध्यक्ष प्रकाश पांडे के अनुसार आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पहाड़ी क्षेत्रों में लोग अक्सर बाहर से आने वाले बढ़ई, राजमिस्त्री, मजदूर और अन्य कामगारों को घर की मरम्मत के दौरान अंदर तक पहुंच देते हैं। ऐसे में उनकी पहचान और पूर्ववृत्त का सत्यापन नहीं होने पर घर की सुरक्षा कमजोर पड़ सकती है।




