देहरादून। देर रात देहरादून में बादल फटने से भारी तबाही मच गई। आपदा में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। मौसम विभाग ने देहरादून समेत चमोली, चंपावत, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर और नैनीताल जिलों के कुछ इलाकों में 21 सितंबर तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है।
आसन नदी के जलस्तर में अचानक आई बाढ़ ने आसपास के क्षेत्रों को जलमग्न कर दिया। हालात इतने गंभीर थे कि ठाकुरपुर क्षेत्र में लोग जान बचाने के लिए बिजली के खंभों और ऊँची जगहों पर चढ़कर शरण लेने को मजबूर हो गए। मौके पर पहुंची एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों ने रेस्क्यू अभियान चलाकर कई लोगों को सुरक्षित निकाला।
भारी बारिश से प्रेमनगर में नंदा की चौकी पुल बीच से टूट गया, जिससे विकासनगर और सेलाकुई का संपर्क कट गया। वहीं, देहरादून-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर लालतप्पड़ पुल की एप्रोच रोड बह गई। उफान पर आई जखन नदी ने डोईवाला का पुल भी क्षतिग्रस्त कर दिया।
इसके अलावा, मसूरी-देहरादून मार्ग कई जगह बंद हो गया है। पुलिस ने लोगों से इस मार्ग पर यात्रा न करने की अपील की है। कर्णप्रयाग और गौचर में बदरीनाथ हाईवे बोल्डरों के गिरने से बंद हो गया है। उधर, श्रीनगर में अलकनंदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
प्रेमनगर सीमाक्षेत्र के परवल इलाके में आसन नदी में ट्रैक्टर समेत बहने से छह मजदूरों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर में 14-15 मजदूर सवार थे। अन्य मृतक सहस्त्रधारा और नया गांव क्षेत्र से मिले हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से दूरभाष पर आपदा की जानकारी ली और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं और किसी भी परिवार को असुविधा न हो, इसके निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस और प्रशासन ने भारी बारिश के दौरान पहाड़ी मार्गों पर यात्रा न करने, भूस्खलन संभावित स्थानों से दूर रहने तथा असुरक्षित इलाकों से सुरक्षित स्थलों पर शिफ्ट होने की अपील की है।

