हल्द्वानी। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के हल्द्वानी शहर में रविवार देर रात एक ऐसी वारदात हुई, जिसने पूरे शहर को हिला कर रख दिया। जज फार्म इलाके में नगर निगम के भाजपा पार्षद अमित बिष्ट उर्फ चिंटू ने कथित तौर पर अपने ही घर की छत से 12 बोर की लाइसेंसी बंदूक से फायरिंग कर दी। इस फायरिंग में 22 वर्षीय नितिन लोहानी की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना रात करीब साढ़े 11 बजे की है। नितिन लोहानी अपने दोस्त कमल भंडारी के साथ पार्षद के बेटे से मिलने उसके घर पहुंचा था। दोनों के बीच पुरानी दोस्ती बताई जा रही है, लेकिन बीते कुछ दिनों से किसी विवाद को लेकर तनाव चल रहा था। जैसे ही युवकों ने घर की घंटी बजाई, हालात अचानक बेकाबू हो गए।
प्रत्यक्षदर्शी कमल भंडारी के मुताबिक, घंटी बजते ही पार्षद अमित बिष्ट छत पर पहुंच गया और बिना कुछ कहे फायर झोंक दिया। पहला फायर जमीन पर लगा, दूसरा सीधे नितिन की पीठ में धंस गया। गोली लगते ही नितिन जान बचाने की कोशिश में घसीटता हुआ नहर किनारे जा गिरा। आरोप है कि पार्षद ने तीसरा फायर कमल पर भी किया, लेकिन वह किसी तरह जान बचाकर भाग निकला।
गोली की आवाज से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल नितिन को तत्काल डॉ. सुशीला तिवारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम से पहले की जांच में नितिन के शरीर में 50 से अधिक छर्रे पाए गए हैं।
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि हत्या किसी रेकी या बाहरी साजिश का मामला नहीं, बल्कि पार्षद के बेटे और उसके दोस्तों के बीच चल रहे पुराने विवाद का नतीजा है। पुलिस ने फायरिंग में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी बंदूक को कब्जे में ले लिया है और फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद आरोपी पार्षद अमित बिष्ट को हिरासत में ले लिया गया। उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। वहीं मृतक के परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए भाजपा ने भी सख्त कदम उठाया है। भाजपा के नैनीताल जिला अध्यक्ष प्रताप बिष्ट ने आरोपी पार्षद अमित बिष्ट को तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी पार्षद पहले भी मारपीट और दबंगई जैसे मामलों में विवादों में रहा है।
घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है। पुलिस ने अतिरिक्त फोर्स तैनात कर दी है और हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

