वॉशिंगटन/नई दिल्ली। अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस के निकट शनिवार शाम हुई गोलीबारी की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया। सीक्रेट सर्विस चेकपॉइंट के पास एक युवक ने अचानक सुरक्षाकर्मियों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उसे मार गिराया। घटना के समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस परिसर में मौजूद थे, लेकिन उन्हें किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुंची और वे पूरी तरह सुरक्षित रहे।
सीक्रेट सर्विस के अनुसार, शनिवार शाम करीब छह बजे 17वीं स्ट्रीट और पेनसिल्वेनिया एवेन्यू क्षेत्र में एक संदिग्ध युवक बैग लेकर सुरक्षा चौकी के पास पहुंचा। अचानक उसने बैग से हथियार निकाला और तैनात अधिकारियों पर गोलियां चलानी शुरू कर दीं। फायरिंग होते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभाल लिया।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक हमलावर ने करीब 20 से 30 राउंड फायरिंग की। हालांकि कुछ आधिकारिक सूत्रों ने कम गोलियां चलने की बात कही है। जवाबी कार्रवाई में सीक्रेट सर्विस के जवानों ने हमलावर को गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हमलावर की पहचान नसीरे बेस्ट के रूप में
जांच में हमलावर की पहचान 21 वर्षीय नसीरे बेस्ट के रूप में हुई है, जो अमेरिकी राज्य मैरीलैंड का निवासी बताया गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह पहले भी सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था और उसके खिलाफ व्हाइट हाउस क्षेत्र से दूर रहने के न्यायालयीय आदेश भी जारी किए गए थे।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार नसीरे बेस्ट सोशल मीडिया पर कई विवादित वीडियो पोस्ट कर चुका था। उसने कथित तौर पर राष्ट्रपति ट्रंप को धमकी देने वाले वीडियो भी साझा किए थे। जांचकर्ताओं का मानना है कि वह मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहा था और खुद को प्रभु यीशु मसीह का आधुनिक अवतार मानता था। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक उसके मकसद की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
एक राहगीर घायल, सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं
घटना में एक राहगीर भी घायल हुआ है। अधिकारियों के अनुसार अभी यह स्पष्ट नहीं है कि उसे हमलावर की गोली लगी या जवाबी कार्रवाई के दौरान चली गोली से वह घायल हुआ। राहत की बात यह रही कि किसी सीक्रेट सर्विस अधिकारी को गंभीर चोट नहीं आई।
फायरिंग के तुरंत बाद पूरे इलाके को सील कर दिया गया और व्हाइट हाउस परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। लोगों को क्षेत्र से दूर रहने की सलाह दी गई।
घटना के बाद कक्ष पटेल ने बताया कि फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) की टीम घटनास्थल पर मौजूद है और सीक्रेट सर्विस के साथ मिलकर मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों ने कहा कि जैसे-जैसे तथ्य सामने आएंगे, जनता को जानकारी दी जाएगी।
पहले भी हो चुके हैं सुरक्षा संबंधी मामले
यह घटना ऐसे समय हुई है जब हाल के महीनों में राष्ट्रपति ट्रंप की सुरक्षा को लेकर कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। रिपोर्टों के अनुसार कुछ सप्ताह पहले भी ट्रंप को निशाना बनाने की कथित साजिश का मामला जांच एजेंसियों के सामने आया था। इसी कारण व्हाइट हाउस और राष्ट्रपति की सुरक्षा पहले से ही हाई अलर्ट पर थी।

