देहरादून। मार्च के तीसरे सप्ताह की शुरुआत उत्तराखंड में मौसम के अचानक बदले मिजाज के साथ हुई। प्रदेश के कई हिस्सों में हुई बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी से जहां तापमान में गिरावट दर्ज की गई, वहीं प्रकृति भी निखर उठी। बारिश के बाद पहाड़ों की वादियां धुली-धुली नजर आईं और वातावरण पूरी तरह साफ हो गया।
रविवार को देहरादून सहित आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही बादल छाए रहे और तेज हवाएं चलती रहीं। दोपहर बाद कई स्थानों पर हल्की बारिश हुई, जबकि शाम करीब पांच बजे के बाद तेज बारिश का दौर शुरू हो गया। देर रात तक रुक-रुक कर हुई बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और ठंड फिर लौट आई।
मसूरी, चकराता और अन्य ऊंचाई वाले इलाकों में ठंडी हवाओं के साथ बारिश ने मौसम को और अधिक ठंडा बना दिया। वहीं बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम सहित ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हुई। हेमकुंड साहिब और फूलों की घाटी में भी बर्फ गिरने से पहाड़ों का प्राकृतिक सौंदर्य और बढ़ गया।
बारिश के बाद पर्वतीय क्षेत्रों की वादियां धुली-धुली नजर आईं और हरियाली खिल उठी। ठंडी हवाओं और साफ वातावरण ने प्रकृति को नया जीवन दे दिया। लंबे समय से बढ़ रहे प्रदूषण पर भी बारिश ने लगाम लगा दी। देहरादून में रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) घटकर 87 दर्ज किया गया, जिससे वातावरण पहले के मुकाबले काफी स्वच्छ हो गया।
बारिश का असर जंगलों पर भी सकारात्मक रहा। पिछले कुछ समय से सामने आ रही वनाग्नि की घटनाओं पर भी विराम लग गया। वन विभाग के अनुसार फायर सीजन शुरू होने के बाद जंगलों में आग की 84 घटनाएं सामने आई थीं, जबकि 23 स्थानों पर फायर अलर्ट जारी था। रविवार की बारिश के बाद फिलहाल किसी भी स्थान पर सक्रिय आग की सूचना नहीं है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार सोमवार को देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और चंपावत जिलों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं के साथ तूफान की संभावना है। वहीं उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में भी तेज हवाओं के साथ मौसम खराब रहने का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण प्रदेश में मौसम का यह बदलाव देखने को मिल रहा है। 21 मार्च तक प्रदेश के कई इलाकों में हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम में आए इस बदलाव से जहां लोगों को बढ़ती गर्मी से राहत मिली है, वहीं प्रकृति भी एक बार फिर तरोताजा नजर आ रही है।

