‘ड्रग वॉर’ का निर्णायक वार: एल मेंचो ढेर, मैक्सिको में सत्ता-संघर्ष और खूनखराबे का खतरा

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मैक्सिको की संगठित अपराध की दुनिया में एक बड़ा भूचाल आ गया है। देश के सबसे खूंखार और वांछित ड्रग सरगना नेमेसियो रुबेन ओसेगुएरा सर्वेंटेस उर्फ एल मेंचो को सैन्य अभियान में मार गिराया गया। वह कुख्यात जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) का प्रमुख था, जिसे बीते दशक में मैक्सिको का सबसे शक्तिशाली और निर्दयी कार्टेल माना गया।

मैक्सिको के रक्षा मंत्रालय Secretaría de la Defensa Nacional (SEDENA) ने 23 फरवरी 2026 को आधिकारिक पुष्टि की कि पश्चिमी राज्य जलिस्को के टापालपा इलाके में स्पेशल फोर्स के ऑपरेशन के दौरान मेंचो गंभीर रूप से घायल हुआ। उसे इलाज के लिए मेक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

पुलिस से ‘ड्रग सम्राट’ तक का सफर

एल मेंचो का अतीत बेहद दिलचस्प और खौफनाक रहा। कभी वह पुलिस विभाग से जुड़ा था, लेकिन जल्द ही उसने अपराध की दुनिया का रास्ता चुन लिया। उसने CJNG को न केवल आर्थिक रूप से मजबूत किया, बल्कि उसे सैन्य ढांचे जैसा संगठित और आक्रामक बना दिया।

CJNG ने फेंटानिल, मेथामफेटामिन और कोकीन की तस्करी के जरिए अमेरिका और लैटिन अमेरिका में बड़ा नेटवर्क खड़ा किया। अमेरिका के United States Department of Justice ने 2022 में उस पर बड़े पैमाने पर फेंटानिल उत्पादन और तस्करी का आरोप लगाया था। उसकी सूचना पर 15 मिलियन डॉलर से ज्यादा का इनाम घोषित था।

CJNG: ‘नार्को-टैंक’ और ड्रोन से लैस कार्टेल

CJNG को उसकी क्रूरता और आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल के लिए जाना जाता है। इस कार्टेल ने बख्तरबंद वाहनों (जिन्हें स्थानीय लोग ‘नार्को-टैंक’ कहते हैं), सैन्य ग्रेड हथियारों और विस्फोटक ड्रोन का इस्तेमाल कर सुरक्षा बलों को खुली चुनौती दी।

2015 में CJNG ने एक सैन्य हेलीकॉप्टर गिरा दिया था, जिससे उसकी ताकत का अंदाजा लगा था। विशेषज्ञों का मानना है कि एल मेंचो ने कार्टेल को पारंपरिक तस्करी से आगे बढ़ाकर अर्ध-सैन्य संगठन का रूप दे दिया था।

ऑपरेशन की परतें: अमेरिकी खुफिया की भूमिका

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस अभियान में अमेरिकी एजेंसियों से महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी मिली। अमेरिकी उत्तरी कमांड और जॉइंट इंटरएजेंसी टास्क फोर्स ने तकनीकी सहयोग दिया, हालांकि जमीन पर कार्रवाई पूरी तरह मैक्सिकन बलों ने की।

ट्रंप प्रशासन के दबाव के बाद मैक्सिको ने कार्टेल्स के खिलाफ सख्त रुख अपनाया था। यह ऑपरेशन उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

बदले की आग: 9 राज्यों में हिंसा

एल मेंचो की मौत की खबर फैलते ही CJNG के गुर्गों ने कई राज्यों में हिंसक प्रतिक्रिया दी। मिचोआकान, कोलिमा, ग्वेरेरो, ग्वानाजुआतो, नायरित और अन्य इलाकों में सड़कों पर नाकेबंदी, बसों-दुकानों में आगजनी और सुरक्षा बलों पर हमलों की खबरें आईं।

वाहनों को जलाकर राजमार्ग बंद किए गए, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। कई जगहों पर स्कूल और दफ्तर बंद रखने पड़े।

सत्ता का संकट: CJNG में अगला कौन?

एल मेंचो की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल यह है कि अब CJNG की कमान किसके हाथ में जाएगी? विश्लेषकों के मुताबिक, उसके करीबी सहयोगी और परिवार के सदस्य नेतृत्व की दौड़ में हो सकते हैं।

हालांकि इतिहास बताता है कि जब भी किसी बड़े कार्टेल सरगना का अंत होता है, तो संगठन छोटे-छोटे गुटों में बंट जाता है, जिससे हिंसा और बढ़ जाती है। मैक्सिको में पहले भी ऐसा हो चुका है।

राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया और वैश्विक असर

मैक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने कहा कि सुरक्षा कैबिनेट हालात पर नजर रखे हुए है और ज्यादातर हिस्सों में स्थिति नियंत्रण में है।

अमेरिकी अधिकारियों ने इसे ड्रग तस्करी के खिलाफ बड़ी जीत बताया है। विशेषज्ञों का मानना है कि एल मेंचो की मौत से फेंटानिल आपूर्ति श्रृंखला पर असर पड़ सकता है, लेकिन ड्रग नेटवर्क पूरी तरह खत्म होना आसान नहीं होगा।

ड्रग वॉर का नया अध्याय

एल मेंचो का अंत मैक्सिको की ‘ड्रग वॉर’ में एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है। पर सवाल यह है कि क्या यह कार्टेल साम्राज्य का पतन है या फिर हिंसा के नए दौर की शुरुआत?

फिलहाल जांच जारी है, फोरेंसिक पहचान की प्रक्रिया चल रही है और सुरक्षा एजेंसियां संभावित सत्ता-संघर्ष व प्रतिशोधी हमलों को लेकर अलर्ट हैं। आने वाले दिन तय करेंगे कि यह जीत स्थायी साबित होगी या मैक्सिको एक और खूनी दौर की ओर बढ़ेगा।