ग्रामीणों की मांग, भूमि पर मिले मालिकाना अधिकार

Spread the love

हल्द्वानी। अखिल भारतीय किसान महासभा बागजाला कमेटी के नेतृत्व में ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन मंगलवार को लगातार 23वें दिन भी जारी रहा। ग्रामीण 18 अगस्त से भूमि के मालिकाना अधिकार, निर्माण कार्यों पर लगी रोक हटाने, पंचायत चुनाव का अधिकार बहाल करने समेत आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं।

पूर्व प्रधानाचार्य धनी राम आर्य ने कहा कि उन्होंने अपनी पूरी उम्र की खून-पसीने की कमाई अपने घर बनाने में लगा दी है। अब यदि घरों पर संकट आया तो उसे बचाने के लिए वे अपनी अंतिम बूंद तक संघर्ष करेंगे।

पूर्व प्रधानाचार्य प्रेम सिंह नयाल ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा नेताओं और मंत्रियों के पास भोज और कार्यक्रमों में शामिल होने का समय है, लेकिन 23 दिनों से लगातार आंदोलन कर रहे बागजाला वासियों की समस्याएं सुनने का समय नहीं है। यह सरकार गरीब जनता के खिलाफ और पूरी तरह जनविरोधी है।

धरने में मुख्य रूप से आनन्द सिंह नेगी, धनी राम आर्य, प्रेम सिंह नयाल, डॉ. उर्मिला, वेद प्रकाश, डॉ. कैलाश पाण्डेय, विमला देवी, हेमा देवी, सगीर अहमद, मोहम्मद परवेज, मीना भट्ट, किरण प्रजापति, हरदित्ता सिंह, चन्दन सिंह मटियाली, हरक सिंह बिष्ट, गोपाल सिंह बिष्ट, दीवान सिंह बर्गली, एम.एस. मलिक, ऋषि मटियाली, दुर्गा मटियाली, मधु बिष्ट, दौलत सिंह कुंजवाल, पुष्पा, सरोज, यश आर्य, पार्वती, दिनेश चन्द्र, भोला सिंह, हरि गिरी, भगवती गोस्वामी, प्रकाश राम, मुन्नी देवी, दीपिका, कमल देवी, इब्ने अली, रामलाल कश्यप, फरहा, मारूफ अली, मिथिलेश, सलमा, हेमा आर्य, विमला पाण्डे, नीमा भट्ट, जेबा, सरला सिंह, रानी, राजदा, रेखा देवी, हीरा देवी सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। धरना आगामी दिनों में भी जारी रहेगा।