भालू दिखा तो जान बचाने को भागीं दो महिलाएं, 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरीं, एक की मौत

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चमोली जिले के पोखरी विकासखंड में शुक्रवार को जंगल और पहाड़ के बीच रोजमर्रा का काम करने गई दो महिलाओं के सामने अचानक भालू आ गया। भालू को देखकर दोनों घबरा गईं और बचने की कोशिश में उनका संतुलन बिगड़ गया। देखते ही देखते दोनों करीब 300 मीटर गहरी खाई में जा गिरीं। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं। ग्रामीणों की मदद से उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोखरी पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान करीब 50 वर्षीय विमला देवी की मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल लक्ष्मी देवी को प्राथमिक उपचार के बाद श्रीनगर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।

हादसा पोखरी विकासखंड की ग्राम पंचायत नैल के सिदेली तोक में हुआ। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को गांव के समीप दोनों महिलाएं घास काटने गई थीं। पहाड़ी क्षेत्रों में ग्रामीण महिलाओं के लिए घास काटना रोजमर्रा की जरूरत का हिस्सा है। इसी दौरान अचानक सामने भालू आ गया। भालू को देखकर दोनों महिलाएं घबरा गईं। जान बचाने की कोशिश में वे वहां से हटने लगीं, लेकिन पहाड़ी की ढलान और चट्टानी रास्ते के बीच उनका संतुलन बिगड़ गया और दोनों गहरी खाई में जा गिरीं।

हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण घटनास्थल की ओर दौड़े। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद दोनों महिलाओं को खाई से बाहर निकाला और उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पोखरी पहुंचाया। हादसे में विमला देवी, पत्नी चंद्रशेखर सिंह, उम्र करीब 50 वर्ष गंभीर रूप से घायल हुई थीं। उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वहीं लक्ष्मी देवी, पत्नी गजेंद्र सिंह, उम्र करीब 42 वर्ष को भी गंभीर चोटें आई हैं। उनकी हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए श्रीनगर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

घटना के बाद नैल और आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के लिए यह हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि पहाड़ों में बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष की चिंता को भी सामने लाता है। जंगल के आसपास रहने वाले ग्रामीण खेती, घास और लकड़ी जैसे रोजमर्रा के कामों के लिए अक्सर जंगल और उसके आसपास के इलाकों में जाते हैं। ऐसे में जंगली जानवरों की मौजूदगी उनके लिए लगातार खतरा बनी हुई है।