हल्द्वानी। देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी है। शनिवार को एक बार फिर तेल कंपनियों ने पेट्रोल के दाम में 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल के दाम में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि कर दी। पिछले 10 दिनों में यह तीसरी बार है जब ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है, जिससे आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
इससे पहले 15 मई को पेट्रोल और डीजल के दाम में 3-3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद 19 मई को पेट्रोल 87 पैसे और डीजल 91 पैसे महंगा हुआ था। ताजा वृद्धि के साथ मई महीने में अब तक पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है।
राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 99.51 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। लगातार बढ़ रही कीमतों का असर परिवहन लागत और रोजमर्रा की वस्तुओं के दामों पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
इस बीच केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने हाल ही में देशवासियों को भरोसा दिलाया था कि देश में पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है तथा आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। मंत्रालय ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदने की अपील की है।
मंत्रालय के अनुसार कुछ पेट्रोल पंपों पर अस्थायी भीड़ और दबाव की स्थिति देखने को मिली थी, जिसे दूर करने के लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनियां लगातार आपूर्ति और वितरण व्यवस्था की निगरानी कर रही हैं।
मिडिल ईस्ट क्षेत्र में बढ़ते तनाव और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच भारत में ईंधन कीमतों में यह बढ़ोतरी आम उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियों में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में ईंधन कीमतों पर दबाव बना रह सकता है।

