हल्द्वानी में NAB इंडिया की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक, दिव्यांग सशक्तिकरण के लिए बनी नई रणनीति

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हल्द्वानी। गौलापार स्थित नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड (NAB) इंडिया परिसर में गुरुवार को राष्ट्रीय कार्यकारिणी परिषद की बैठक एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे पदाधिकारियों, प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने दृष्टिबाधित एवं अन्य दिव्यांग बच्चों और युवाओं की शिक्षा, पुनर्वास, कौशल विकास, रोजगार तथा तकनीकी सशक्तिकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। बैठक में आगामी एक वर्ष की प्राथमिकताओं और आने वाले वर्षों के विजन पर भी व्यापक चर्चा की गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि NAB इंडिया के चेयरमैन ट्रस्टी एवं सचिव जनरल डॉ. विमल कुमार डेंगला रहे, जबकि प्रताप सिंह सिंधु विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, चंडीगढ़ और उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों ने कार्यक्रम में भागीदारी की। कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय भुवन चंद खंडूरी को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। 

राष्ट्रीय सचिव डॉ. विमल कुमार डेंगला ने बताया कि NAB इंडिया की देशभर में 22 शाखाएं संचालित हैं और संगठन का उद्देश्य दृष्टिबाधित एवं अन्य दिव्यांग बच्चों को केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि शिक्षा, तकनीक, कौशल और अवसरों के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना है। 

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आधुनिक तकनीक आधारित शिक्षा, डिजिटल लर्निंग सामग्री और सुलभ शिक्षण संसाधनों को देशभर के दिव्यांग विद्यार्थियों तक अधिक व्यापक रूप से पहुंचाया जाएगा, ताकि उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा और प्रतिस्पर्धा में समान अवसर मिल सकें।

AI और डिजिटल स्किल्स से जुड़ेंगे दिव्यांग युवा

राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने दिव्यांग युवाओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल साक्षरता, उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण और रोजगारोन्मुख कौशल विकास कार्यक्रमों को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा देने का निर्णय लिया। डॉ. डेंगला ने कहा कि तेजी से बदलती तकनीक के दौर में यदि दिव्यांग युवा आधुनिक तकनीकों से नहीं जुड़ेंगे तो अवसरों की मुख्यधारा से पीछे रह सकते हैं। संगठन निजी और सरकारी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने, उद्यमिता और स्वयं-रोजगार को प्रोत्साहित करने तथा डिजिटल कार्यक्षेत्र से जोड़ने की दिशा में भी विशेष पहल करेगा। 

गांव-गांव पहुंचकर खोजे जाएंगे दिव्यांग बच्चे

बैठक में ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले उन बच्चों तक पहुंच बनाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई जो अभी तक शिक्षा और पुनर्वास सेवाओं से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं। NAB इंडिया अपने सफल ग्रामीण मॉडल को और मजबूत करेगा, जिसके तहत शिक्षक और फील्ड कार्यकर्ता घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे।

6000 ऑडियो पुस्तकों वाली NAB Wani ऐप बनेगी बड़ा सहारा

तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए NAB इंडिया द्वारा विकसित NAB Wani मोबाइल एप को और व्यापक बनाने का निर्णय लिया गया है। इस प्लेटफॉर्म पर 6000 से अधिक ऑडियो पुस्तकें उपलब्ध हैं, जिन्हें डाउनलोड करने के बाद बिना इंटरनेट के भी सुना और पढ़ा जा सकता है। बच्चों के लिए विशेष रूप से तैयार डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऑडियो-विजुअल सामग्री और शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्यों ने NAB उत्तराखंड द्वारा संचालित विद्यालय और अन्य गतिविधियों का अवलोकन तथा विद्यार्थियों व कर्मचारियों से संवाद किया। उन्होंने शिक्षा, पुनर्वास, कौशल विकास, सांस्कृतिक गतिविधियों और सामाजिक समावेशन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

उत्कृष्ट कार्य करने पर NAB इंडिया ने उत्तराखंड शाखा की अध्यक्षा सविता लाहोटी महासचिव रघुबीर सिंह कालाकोटी, शिक्षकों, कर्मचारियों, स्वयंसेवकों और दानदाताओं को सम्मानित किया गया।