लोकसभा में विपक्षी हंगामे के बीच भारत–जी राम जी विधेयक पारित

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नई दिल्ली। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह लेने वाला विकसित भारत–जी राम जी (वीबी-जी राम जी ) विधेयक बुधवार को विपक्ष के तीखे विरोध के बीच लोकसभा से पारित हो गया। विपक्षी दलों ने बिल को स्टैंडिंग कमेटी को भेजने की मांग करते हुए सदन के वेल में जोरदार हंगामा किया और कुछ सांसदों ने विधेयक की प्रतियां फाड़ दीं।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि विधेयक पर पहले ही विस्तार से चर्चा हो चुकी है। इसके बाद सदन ने बहुमत से विधेयक को मंजूरी दे दी। अब इसे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही को शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

शिवराज सिंह चौहान का जवाब

ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि यह विधेयक महिला, युवा और गरीबों के जीवन में बदलाव लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है और इससे बापू के आदर्शों को साकार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य आदर्श ग्रामों की स्थापना करना है, जहां सभी सुविधाएं लोगों की पहुंच में हों।

शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस पर मनरेगा में भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मनरेगा की शुरुआत में महात्मा गांधी का नाम नहीं था और 2009 के चुनावों से पहले इसे जोड़ा गया। उन्होंने बताया कि यूपीए सरकार ने अपने कार्यकाल में मनरेगा पर 2.13 लाख करोड़ रुपये खर्च किए, जबकि मोदी सरकार ने 2014 के बाद 8.53 लाख करोड़ रुपये खर्च किए हैं। मंत्री ने दावा किया कि मौजूदा सरकार ने योजना को भ्रष्टाचार-मुक्त बनाया है।

विपक्ष का आरोप

विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि विधेयक पर पर्याप्त चर्चा का समय नहीं दिया गया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने इसे मनरेगा को खत्म करने की साजिश करार दिया। हंगामे के दौरान कुछ सदस्यों ने कागज फाड़कर आसन की ओर उछाले। इस पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बिल फाड़ना गांधीजी की अहिंसा की नीति के खिलाफ है। स्पीकर ओम बिरला ने भी सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की।

क्या है वीबी-जी राम जी  विधेयक?

  • ग्रामीण परिवारों को अब 100 की जगह 125 दिन के रोजगार की गारंटी
  • केंद्र-राज्य फंडिंग अनुपात 60:40
  • पूर्वोत्तर, हिमालयी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर) के लिए 90:10 का अनुपात
  • धारा 6 के तहत राज्य सरकारें एक वित्तीय वर्ष में 60 दिन पहले से अधिसूचित कर सकेंगी
  • बुवाई और कटाई जैसे व्यस्त कृषि सीजन में कोई कार्य नहीं कराया जाएगा