मल्लीताल हाई कोर्ट के पास दो मंजिला भवन में भीषण आग, प्रधानाचार्य और बेटा सुरक्षित

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नैनीताल। मल्लीताल हाई कोर्ट परिसर के पास स्थित एक ऐतिहासिक दो मंजिला भवन में मंगलवार रात भीषण आग लग गई। देखते ही देखते लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग के दौरान सरस्वती शिशु मंदिर के प्रधानाचार्य जगदीश तिवारी और उनका बेटा भीतर ही फंस गए थे, जिससे अफरा-तफरी मच गई। लेकिन स्थानीय युवाओं और लोगों की बहादुरी से दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

सूचना मिलते ही दमकल विभाग, एसडीआरएफ, पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

आग लगने के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत कार्य शुरू कर दिया और खतरे के बावजूद लपटों में घिरे कमरों तक पहुंचकर दोनों को बाहर निकाला।

होटल संचालकों, राहगीरों और युवाओं ने भी बिना अपनी परवाह किए छतों पर चढ़कर बचाव अभियान में सहयोग किया।

सीएम ने वीडियो कॉल पर ली रेस्क्यू की अपडेट

राहत कार्य में लगे भाजपा पूर्व मंडल अध्यक्ष मनोज जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से वीडियो कॉल के माध्यम से घटना की जानकारी साझा की। सीएम ने एसडीएम को राहत कार्य तेज करने व प्रभावितों को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए।

वाहनों की आवाजाही ने बढ़ाई मुश्किलें

आग लगने के बाद मल्लीताल से कालाढूंगी रोड पर वाहनों का आवागमन जारी रहने से दमकल की गाड़ियों को संचालन में दिक्कत हुई। बाद में पुलिस द्वारा दोनों ओर से ट्रैफिक रोके जाने पर राहत कार्य में तेजी आई। चार फायर वाहन और 40 से अधिक कर्मियों ने मोर्चा संभाला। नैनीताल के दो बड़े फायर वाहन, तथा भवाली व भीमताल से बुलाए गए अतिरिक्त वाहनों ने अभियान में हिस्सा लिया। जल संस्थान ने हाई कोर्ट के पास स्थित दो हाइड्रेंट्स से पानी की आपूर्ति की व्यवस्था की।

भवन में क्या था?

आग ग्रसित ऐतिहासिक भवन अशोक लाल साह बाबी साह का है, जिसमें

  • नीचे होटल दीना और टेंट हाउस
  • ऊपर सरस्वती शिशु मंदिर, गीता आश्रम, स्वामी का आवास
  • तथा कुछ किराये के कमरे संचालित होते हैं।
  • अब तक की स्थिति
  • आग पर नियंत्रण पा लिया गया है
  • किसी जान-माल की हानि नहीं
  • नुकसान का आकलन किया जा रहा है
  • आग के कारणों की जांच जारी