देहरादून। बांग्लादेशी नागरिक की गिरफ्तारी के बाद अब पूरे मामले में मतांतरण का गंभीर पहलू सामने आया है। आरोपित ममून हसन ने त्यूणी निवासी रीना चौहान को प्रेमजाल में फंसाकर वर्ष 2022 में अवैध रूप से बांग्लादेश ले गया, जहां उसका धर्म परिवर्तन कर ‘फरजाना अख्तर’ नाम से निकाह किया गया। इसके बाद दोनों अवैध तरीके से दोबारा भारत लौट आए। पुलिस पूरे प्रकरण में संगठित गिरोह की भूमिका की भी जांच कर रही है।
फेसबुक पर हुई थी पहचान
नेहरू कॉलोनी थाना व एलआईयू ने 20 नवंबर को गोपनीय सूचना पर नेहरू कॉलोनी क्षेत्र से बांग्लादेशी नागरिक ममून हसन निवासी आनंदो वास, थाना मुजीबनगर (बांग्लादेश) और रीना चौहान को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार दोनों की पहचान फेसबुक के माध्यम से हुई थी। ममून 2019, 2020 और 2021 में तीन बार टूरिस्ट वीजा पर भारत आकर रीना से मिलता रहा।
अवैध रूप से सीमा पार और धर्म परिवर्तन
साल 2022 में वह रीना को अवैध तरीके से सीमा पार कराकर बांग्लादेश ले गया। वहां उसका धर्म बदलकर फर्जी बांग्लादेशी दस्तावेज तैयार किए गए और ‘फरजाना अख्तर’ नाम से निकाह किया गया। पुलिस ने जांच में यह फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए हैं।
फर्जी पहचान बनाकर रहा बाउंसर
भारत लौटने के बाद दोनों देहरादून में विभिन्न किराये के मकानों में रहने लगे। रीना का पूर्व विवाह सचिन चौहान से हुआ था। अलग रहने के बाद उसने ममून को बचाने के लिए अपने पूर्व पति के नाम पर फर्जी पहचान पत्र बनवाए। इसी फर्जी पहचान सचिन चौहान के आधार पर ममून देहरादून के एक क्लब में बाउंसर का काम कर रहा था।
खतरे के चलते करवाया मतांतरण
पुलिस पूछताछ में रीना ने बताया कि वह बांग्लादेश में खुद को असुरक्षित महसूस कर रही थी। जान के खतरे के कारण उसने मजबूरी में धर्म परिवर्तन करवाया। बाद में डर के माहौल से बचने के लिए दोनों वापस देहरादून लौट आए। फर्जी दस्तावेज कहां बनने, किस कॉमन सर्विस सेंटर या नेटवर्क से यह काम हुआ, पुलिस अभी इन कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।
बांग्लादेशी एजेंसियों से संपर्क
एसएसपी अजय सिंह के अनुसार दून पुलिस बांग्लादेश की संबंधित एजेंसियों से लगातार संपर्क में है। अवैध तरीके से भारत में रह रहे नागरिक, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और मतांतरण के पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।

