लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शनिवार को सपा मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर बनी फिल्म और प्रदेश की मौजूदा परिस्थितियों पर जमकर हमला बोला।
अखिलेश यादव ने फिल्म पर तंज कसते हुए कहा, “सुना है मूवी तो फ्लॉप होने से पहले ही फ्लॉप हो गई। बताइए, फिल्म में मुकदमा वापसी वाला सीक्वेंस है कि नहीं, डायलॉग में बीप लगी है या नहीं, कार पलटने वाला सीन है या नहीं, बुलडोज़र स्टंट है या नहीं, आपसी लड़ाई का क्लाइमेक्स है या नहीं और डिप्टी सीएम के पर्दे के पीछे वाले डायलॉग हैं या नहीं?”
जंगली जानवर और छुट्टा पशुओं का संकट
अखिलेश ने कहा कि प्रदेश के बिजनौर, पीलीभीत, बहराईच, सीतापुर और लखीमपुर समेत कई जिलों में जंगली जानवर और छुट्टा पशुओं के हमले से लोग परेशान हैं। वर्ष 2024 में 60 लोगों की मौत और 220 लोग घायल हुए, जो अधिकतर पीड़ित गरीब परिवारों से आते हैं। भाजपा सरकार ने किसी भी पीड़ित परिवार की मदद नहीं की। उन्होंने कहा कि सपा सरकार आने पर जंगली जानवरों और छुट्टा पशुओं के हमले से मरने वाले परिवारों को सहायता दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि किसान और गोशालाओं की स्थिति बदल हो चुकी है। किसान खेती नहीं कर पा रहे, राजधानी लखनऊ तक सुरक्षित नहीं है। पेड़ों की अंधाधुंध कटाई और तालाबों पर कब्जे से जंगली जानवर बस्तियों में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पशु फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। गोशालाओं में गाय सुरक्षित नहीं हैं, कई बार उन्हें जेसीबी से गाड़ दिया जाता है।
अखिलेश यादव ने वन विभाग और पौधे लगाने पर सवाल उठाए हैं। कहा कि भाजपा सरकार के 200 करोड़ पेड़ लगाने का दावा झूठा है। पेड़ नहीं लगे लेकिन बजट साफ हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग के अधिकारी लूट मचा रहे हैं कॉरपोरेट घरानों को वन संपदा का दुरुपयोग करने दिया जा रहा है। पहाड़ों को डायनामाइट से तोड़ा जा रहा है। नौ साल में नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर घोटाले हुए। वाइस चांसलर नियुक्ति से लेकर विभागीय भर्तियों तक भ्रष्टाचार फैला। लखीमपुर की भर्ती भाजपा के भाई-भतीजावाद और परिवारवाद का उदाहरण है।
अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर फायरिंग पर तंज हंसते हुए बनाने काहा कि “सच तो सब जानते हैं।” कहा कि 20 हजार एनकाउंटर के बावजूद अपराधी बरेली तक पहुंच जाते हैं। गोरखपुर की घटनाओं पर आरोप लगाया कि वहां तस्करी और अपराध आम हैं, एनकाउंटर केवल दिखावा हैं।

