देहरादून। राजधानी देहरादून में सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक हुई भीषण बारिश और जल प्रलय ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। भारी बारिश से कई लोगों की मौत की खबर है, जबकि जगह-जगह सड़कें टूट गईं और निचले इलाकों में पानी भर गया।
सहस्रधारा इलाके में 24 घंटे के भीतर 264 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसने सितंबर माह का 101 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले 1924 में तीन सितंबर को 212.6 मिमी बारिश हुई थी। हरिपुर में 170 और मालदेवता में 149 मिमी बारिश दर्ज की गई।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के मुताबिक, इस समय पूरा प्रदेश मानसून के असर में है और अगले दो दिन भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। उन्होंने पहाड़ी व मैदानी क्षेत्रों में भूस्खलन और जल प्रलय का खतरा जताया है।
गढ़वाल से कुमाऊं तक बरसे बादल
- नरेंद्र नगर : 200 मिमी
- थल : 130 मिमी
- काठगोदाम : 134 मिमी
- नैनीताल : 123 मिमी
- जौलीग्रांट : 106 मिमी
- मसूरी : 95 मिमी
- ऋषिकेश : 66.4 मिमी
- उत्तरकाशी : 66.2 मिमी
- हाथीबड़कला : 89.5 मिमी
भारी बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन, सड़क अवरुद्ध और जनहानि की घटनाएं सामने आई हैं। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और नदियों-नालों के किनारे न जाने की अपील की है।

