नई दिल्ली। पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री इशाक डार ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावों की पोल खोलते हुए साफ कहा है कि भारत ने पाकिस्तान के साथ हुए संघर्ष विराम में किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता को सिरे से खारिज कर दिया था। डार ने बताया कि अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मई में हुए भारत-पाक सैन्य संघर्ष के दौरान उन्हें बताया था कि भारत ने युद्धविराम को पूरी तरह द्विपक्षीय मुद्दा मानते हुए किसी तीसरे पक्ष की भूमिका स्वीकार नहीं की।
राजनाथ सिंह का पलटवार
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भारत-पाकिस्तान संघर्ष को रोकने का श्रेय लेने की कोशिश कुछ लोग करते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि किसी भी तीसरे पक्ष का इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं हुआ। उन्होंने बिना नाम लिए ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि आतंकवादियों के खिलाफ अभियान किसी बाहरी दबाव के कारण नहीं रोका गया था। यदि भविष्य में कोई आतंकवादी हमला हुआ तो ऑपरेशन सिंदूर फिर से शुरू किया जाएगा।
राजनाथ सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू से ही यह रुख अपनाया है कि भारत-पाकिस्तान का विवाद द्विपक्षीय है और इसमें किसी तीसरे देश की भूमिका नहीं हो सकती।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कई बार यह दावा किया था कि उन्होंने पहलगाम हमले के बाद भारत-पाक संघर्ष विराम में मध्यस्थता कराई थी। हालांकि भारत ने इसे हमेशा नकारा और कहा कि संघर्ष विराम केवल डीजीएमओ स्तर की बातचीत के बाद संभव हुआ। अब पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने भी यही स्वीकार करते हुए ट्रंप के दावे को खारिज कर दिया है।
रक्षा मंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि यह हमला वैसा ही था जैसे कभी रजाकार लोगों का धर्म पूछकर उनकी हत्या करते थे। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले भारत की सामाजिक सद्भावना पर गहरा प्रहार हैं, लेकिन आज का भारत न केवल आमने-सामने बल्कि दुश्मन की आंखों में आंख डालकर जवाब देने में सक्षम है।

