हल्द्वानी। नेपाल के न्यायिक इतिहास की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश रह चुकीं सुशीला कार्की अब देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बन गई हैं। लोकतंत्र के आगमन के 75 वर्षों में यह पहली बार है जब किसी महिला ने प्रधानमंत्री पद संभाला है।
करीब एक दशक पहले सुशीला कार्की ने नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनकर इतिहास रचा था। अब, जेन-ज़ी आंदोलन की सिफ़ारिश पर उन्हें अंतरिम सरकार का नेतृत्व सौंपा गया है। तीन सितंबर को हुए जेन-ज़ी आंदोलन के बाद प्रतिभागियों द्वारा आयोजित एक आभासी मतदान में सुशीला कार्की को प्रधानमंत्री पद के लिए अनुशंसित किया गया। विरोध प्रदर्शनों के दौरान वह स्वयं बनेश्वर स्थित प्रदर्शन स्थल पर पहुंचीं और अस्पतालों में भर्ती घायलों से भी मिलीं।
नेपाल में हाल ही हुए तख़्तापलट और संसद भंग होने के बाद सुशीला कार्की ने राष्ट्रपति भवन (शीतल निवास) में प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल सिर्फ प्रधानमंत्री पद की शपथ होगी, जबकि मंत्रिमंडल का गठन बाद में किया जाएगा। शपथ ग्रहण समारोह में अमेरिका, संयुक्त राष्ट्र और बांग्लादेश के राजदूत सहित कई विदेशी राजनयिक मौजूद रहे। समारोह में लगभग 20 मिनट की देरी भी हुई। अगला आम चुनाव पांच मार्च 2026 को होगा। तब तक सुशीला कार्की अंतरिम प्रधानमंत्री के तौर पर सरकार का नेतृत्व करेंगी।

