हल्द्वानी। सनातन धर्म का सर्वश्रेष्ठ महत्व है। आवश्यकता है तो इसको समझने और इसके अनुसरण करने की। सनातन धर्म के मानने वाले “धर्मो रक्षति रक्षितः” का अर्थ समझते हैं। अर्थात “जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है।” यह संस्कृत वाक्यांश महाभारत और मनुस्मृति में पाया जाता है। इसका अर्थ है कि यदि हम धर्म का पालन करेंगे, तो धर्म भी हमारी रक्षा करेगा।
युवा एवं आने वाली पीढ़ी को धर्म एवं संस्कृति का ज्ञान देना अति आवश्यक है। माता-पिता एवं पितरों के संस्कार ही बच्चों के भविष्य की नींव बनाते हैं।
बड़े बुजुर्ग कह गए हैं…
“कुछ करनी कुछ कर्म गति, कुछ पूर्व जन्म के भाग।
जीवन जी चैतन्य होश से, विराट हरि से कर अनुराग”
कुछ पूर्व जन्म के भाग।”
“जीवन जी चैतन्य होश से, विराट हरि से कर अनुराग।”
सोशल मीडिया में एक बच्ची का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। पांच वर्षीय अन्वी ( नाम का अर्थ मां दुर्गा) राधा रानी के 28 नामों का वर्णन कर रही है। शायद जिसके बारे में हम भी नहीं होंगे।
वीडियो को देखने वाला प्रत्येक व्यक्ति बच्ची की प्रशंसा करने से स्वयं को नहीं रोक पा रहा है। भक्तिभाव जगाने वाला यह वीडियो अपने आप में हैरान करने वाला है।
बच्ची जिन नामों का वर्णन कर रही है वो कुछ इस तरीके से है… राधा, रासेश्वरी, रम्या, कृष्णमत्राधिदेवता, सर्वाद्या, सर्ववंद्या, वृन्दावनविहारिणी, वृंदाराधा, रमा, अशेषगोपीमण्डलपूजिता, सत्या, सत्यपरा, सत्यभामा, श्रीकृष्णवल्लभा, वृषभानुसुता, गोपी, मूल प्रकृति, ईश्वरी, गान्धर्वा, राधिका, आरम्या, रुक्मिणी, परमेश्वरी, परात्परतरा, पूर्णा, पूर्णचन्द्रविमानना, भुक्ति-मुक्तिप्रदा, और भवव्याधि-विनाशिनी।
बता दे की प्रेमानंद महाराज जी से सामने एक नन्ही बच्ची नंदिनी ने राधा रानी के 28 नाम का वर्णन किया था। इसी वीडियो की धुन के आधार पर आन्वी ने भी धुन बजाने के साथ ही राधा रानी के नाम का उच्चारण किया।

