छह महीने पहले चचेरे भाई के लिए पुलिस से भिड़ा था सतनाम, अब उसी पर हत्या का आरोप, दो घटनाओं ने खड़े किए सवाल

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सितारगंज। छह महीने पहले दादी की मौत के बाद चचेरे भाई के मामले में पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठा सतनाम सिंह अब खुद हत्या का शिकार हो गया है। हैरानी की बात यह है कि उसकी हत्या के मामले में उसी चचेरे भाई कुलदीप सिंह उर्फ बंटी पर आरोप लगा है, जिसके पक्ष में सतनाम परिवार के साथ खड़ा हुआ था। मार्च में पुलिस कार्रवाई को लेकर सुर्खियों में आया यह परिवार अक्टूबर में एक बार फिर चर्चा में है, लेकिन इस बार वजह गोली मारकर की गई हत्या है। दोनों घटनाओं के बीच क्या बदला और हत्या की असल वजह क्या है, इसका जवाब पुलिस की जांच से ही सामने आएगा।

घटनाक्रम की पहली कड़ी 28 मार्च 2026 से जुड़ी है। लड़की भगाने के मामले में आरोपित कुलदीप सिंह उर्फ बंटी के घर दबिश देने पहुंची नानकमत्ता पुलिस के दौरान उसकी 80 वर्षीय दादी सुखदेव कौर की गिरने से मौत हो गई थी। इसके बाद सतनाम सिंह और उसके स्वजन शव लेकर थाने के गेट पर बैठ गए थे। परिवार ने पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए प्रदर्शन किया था। कई घंटे तक चले घटनाक्रम के बाद पुलिस अधिकारियों के आश्वासन पर परिवार अंतिम संस्कार के लिए राजी हुआ। तत्कालीन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मामले में चार पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की थी।

अब अक्टूबर में सिद्धा गांव में हुई हत्या ने पुराने घटनाक्रम को फिर चर्चा में ला दिया है। पुलिस के अनुसार, शनिवार रात सतनाम सिंह के घर पर पथराव और हवाई फायरिंग की गई। उसके भाई सोनू ने इसकी सूचना सतनाम को दी। घर पर हमले की खबर मिलने के बाद सतनाम अपने छोटे भाई कुलदीप सिंह के साथ बाइक से वापस लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और सतनाम के सीने में गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल सतनाम को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई।

छह महीने में रिश्तों की तस्वीर बदली या पुराने विवाद की कोई नई कड़ी जुड़ी? यही सवाल अब इस मामले को और अहम बना रहा है। मार्च में सतनाम अपने चचेरे भाई के मामले में परिवार के साथ पुलिस के सामने खड़ा था, जबकि अब उसी चचेरे भाई पर सतनाम की हत्या का आरोप है। हालांकि, दोनों घटनाओं के बीच सीधा संबंध होने या मार्च का विवाद हत्या की वजह बनने की पुष्टि अभी नहीं हुई है।

पुलिस ने कुलदीप सिंह उर्फ बंटी समेत छह लोगों के खिलाफ हत्या की प्राथमिकी दर्ज की है और आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि वारदात के पीछे क्या वजह थी और इसमें शामिल लोगों की भूमिका क्या रही।