देहरादून से सामने आई बड़ी खबर में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने उत्तराखंड के चर्चित बैंक घोटाले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। उधम सिंह नगर जिले के बाजपुर स्थित उत्तराखंड ग्रामीण बैंक शाखा में हुए करोड़ों रुपये के ऋण घोटाले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक समेत 12 आरोपियों को दोषी करार देते हुए सख्त सजा सुनाई गई है।
अदालत ने मुख्य आरोपी और तत्कालीन शाखा प्रबंधक राम अवतार सिंह दिनकर को भारतीय दंड संहिता और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी मानते हुए 4 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। वहीं, इस मामले में शामिल 11 अन्य आरोपियों जिनमें निजी व्यक्ति और बिचौलिए भी शामिल हैं—को एक-एक साल के कठोर कारावास के साथ कुल 3.3 लाख रुपये का सामूहिक जुर्माना लगाया गया है।
सीबीआई जांच में सामने आया कि वर्ष 2014-15 के दौरान बैंक के नियमों को दरकिनार कर फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड, फसल ऋण और कृषि टर्म लोन स्वीकृत किए गए। कागजों में किसानों द्वारा ट्रैक्टर और कृषि उपकरण खरीदने की बात दिखाई गई, जबकि हकीकत में कोई खरीद नहीं हुई। ऋण की राशि सीधे ट्रैक्टर डीलर के खाते में ट्रांसफर कर दी गई, जिससे बैंक को करीब 3.40 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।
इस पूरे मामले की शुरुआत 12 जून 2018 को हुई, जब बैंक मुख्यालय ने सीबीआई को शिकायत दी। इसके बाद 19 जून को एफआईआर दर्ज हुई और 24 दिसंबर 2018 को चार्जशीट दाखिल की गई। लंबी सुनवाई और गवाहों के आधार पर आखिरकार 31 मार्च 2026 को अदालत ने अपना फैसला सुनाया।

वहीं, फैसले के बाद बाजपुर क्षेत्र में भी हलचल देखने को मिली। सीबीआई टीम ने कोर्ट के आदेश पर दो किसानों कश्मीर सिंह और दतार सिंह को गिरफ्तार किया, जो पहले जमानत पर थे लेकिन सुनवाई में पेश नहीं हो रहे थे। गिरफ्तारी के दौरान कश्मीर सिंह की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया और फिर रुद्रपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया। फिलहाल उनकी हालत में सुधार बताया जा रहा है।
यह पूरा मामला न केवल बैंकिंग व्यवस्था में बड़ी लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि किस तरह अधिकारियों, बिचौलियों और कुछ लाभार्थियों की मिलीभगत से योजनाओं का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये का घोटाला अंजाम दिया गया। अदालत का यह फैसला वित्तीय अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का एक मजबूत संदेश माना जा रहा है।

