हैदराबाद। सोमवार की सुबह तंदूर बस स्टेशन पर येल्लैया गौड़ ने अपनी तीन बेटियों तनुषा, सैप्रिया और नंदिनी को विदा किया था। आंखों में आशीर्वाद और दिल में दुआ थी कि वे सुरक्षित लौटें। लेकिन कुछ घंटों बाद जो खबर आई, उसने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी। तीनों बेटियाँ अब इस दुनिया में नहीं रहीं।
चेवेल्ला के पास हैदराबाद-बिजापुर हाईवे पर सोमवार सुबह एक बस बजरी से भरे टिपर से टकरा गई, जिससे 19 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में गौड़ की तीनों बेटियाँ भी शामिल थीं। हादसे के बाद शव चेवेल्ला के सरकारी अस्पताल लाए गए, जहां मां अंबिका बेसुध पड़ी थीं।
तीनों बहनें हैदराबाद में पढ़ाई कर रही थीं और एक पारिवारिक शादी में शामिल होने के लिए तंदूर आई थीं। कुछ दिन पहले ही परिवार ने बड़ी बेटी तनुषा की शादी का जश्न मनाया था। दुखी पिता येल्लैया ने कहा, “मैंने उन्हें आने से मना किया था, लेकिन उनकी मां ने बुला लिया। बस ठीक नहीं थी, फिर भी भेज दिया। अब पूछता हूं, तीनों चली गईं, मैं क्या करूंगा?”
सैप्रिया बीएससी तृतीय वर्ष की छात्रा थी, नंदिनी बीकॉम प्रथम वर्ष में पढ़ रही थी और तनुषा ने स्नातक के बाद नौकरी शुरू कर दी थी। संस्थान की प्रधानाचार्य लोका पावनी ने कहा, “हमारी तीन प्रतिभाशाली छात्राओं की असमय मौत से पूरा कॉलेज शोक में है।”

