कराकस से वॉशिंगटन तक सत्ता की खामोश उड़ान? मादुरो पर ट्रंप का दावा और हिलती लैटिन अमेरिका की राजनीति

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नई दिल्ली। शनिवार की सुबह वेनेजुएला की राजधानी कराकस में हालात अचानक बदल गए। ताबड़तोड़ हमलों और असामान्य सुरक्षा हलचल के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसा दावा किया, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान लैटिन अमेरिका की ओर खींच लिया। ट्रंप के अनुसार, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस अब अमेरिका की हिरासत में हैं और उन्हें देश से बाहर ले जाया जा चुका है। अगर यह सच है, तो यह केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि आधुनिक कूटनीति और सैन्य रणनीति के इतिहास में एक अभूतपूर्व अध्याय माना जाएगा।

अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि किसी देश के मौजूदा राष्ट्रपति को उसकी राजधानी से निकालकर दूसरी महाशक्ति द्वारा हिरासत में लेने का दावा विरले ही सुनने को मिला है। ट्रंप के इस बयान ने न केवल वेनेजुएला, बल्कि पूरे लैटिन अमेरिकी क्षेत्र को असमंजस में डाल दिया है।

कराकस में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक तस्वीर या वीडियो सामने नहीं आया है, जबकि वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति ने मादुरो के जीवित होने और देश में मौजूद होने के प्रमाण सार्वजनिक करने की मांग कर दी है।

सद्दाम और लादेन की छाया

अमेरिकी सुरक्षा हलकों में इस कथित ऑपरेशन की तुलना इराक के पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन और अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन को पकड़ने के अभियानों से की जा रही है। सीएनएन के अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के प्रमुख निक पैटन वॉल्श का कहना है कि यह कार्रवाई ट्रंप के राष्ट्रपति कार्यकाल की सबसे आक्रामक विदेश नीति को दर्शाती है। उनके मुताबिक, यह कदम बताता है कि ट्रंप वैश्विक स्तर पर सैन्य ताकत के प्रयोग को लेकर कितनी खुली सोच रखते हैं।

नोरीगा की यादें और बड़ा अंतर

इतिहासकारों को 1989 की वह सर्द रात याद आ रही है, जब अमेरिकी सेना ने पनामा पर हमला कर तानाशाह मैनुअल नोरीगा को गिरफ्तार किया था। नोरीगा की तरह मादुरो पर भी अमेरिका ने मादक पदार्थों की तस्करी और लोकतंत्र को कमजोर करने के आरोप लगाए हैं।

लेकिन इस बार फर्क साफ है। नोरीगा को पकड़ने के लिए अमेरिका को खुला सैन्य अभियान चलाना पड़ा था, जबकि मादुरो के मामले में बिना किसी जमीनी युद्ध के ‘सटीक और खामोश’ कार्रवाई का दावा किया जा रहा है।

अदालत में पेशी की तैयारी

अमेरिकी अटॉर्नी जनरल बोंडी ने जानकारी दी है कि निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी के खिलाफ न्यूयॉर्क के साउदर्न डिस्ट्रिक्ट में आपराधिक मुकदमे दर्ज किए गए हैं। मादुरो पर नारको-टेररिज्म, कोकीन आयात की साजिश और घातक हथियारों के अवैध इस्तेमाल जैसे गंभीर आरोप हैं। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि मादुरो को जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा।

वेनेजुएला के लिए आगे क्या?

मादुरो की कथित गिरफ्तारी के बाद सबसे बड़ा सवाल वेनेजुएला के भविष्य को लेकर है। देश पहले से ही आर्थिक संकट, सशस्त्र गिरोहों और मादक पदार्थ तस्करी से जूझ रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, मादुरो के हटने से न तो तुरंत लोकतंत्र आएगा और न ही गृहयुद्ध तय है। सबसे संभावित स्थिति अस्थिरता, सत्ता संघर्ष और सैन्य नेतृत्व के साथ लंबी राजनीतिक सौदेबाजी की हो सकती है जिसके असर लैटिन अमेरिका से आगे वैश्विक राजनीति तक महसूस किए जाएंगे।